आसाराम की जमानत याचिका खारिज, फोटो- सोशल मीडिया
RHC Rejected Asaram Bail: आसाराम ने अपनी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद उसे जेल वापस जाना पड़ा।
कोर्ट ने आसाराम को पेरोल और अंतरिम जमानत दी थी। इस दौरान वह जेल से बाहर था। हालांकि अब उसकी ओर से लगाई गई अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका को राजस्थान हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया है। गुजरात हाईकोर्ट ने इससे पहले आसाराम को अंतरिम जमानत दे रखी थी जिसके आधार पर वह कुछ समय से जेल से बाहर था। लेकिन अब राजस्थान हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब उसे दोबारा जेल जाना होगा।
आपको बता दें कि साल 2013 में एक 16 साल की लड़की ने आसाराम पर राजस्थान के जोधपुर के पास अपने आश्रम में उसका यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पीड़िता के माता-पिता ने शिकायत दर्ज करवाई जिसके कारण 31 अगस्त, 2013 को आसाराम की गिरफ्तारी हो गई। इसके पांच साल बाद अप्रैल 2018 में जोधपुर की एक अदालत में भी आसाराम नाबालिग के रेप के लिए दोषी पाया गया।
उसे भारतीय दंड संहिता, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की कई धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अक्टूबर 2013 में ही इसके ऊपर और भी आरोप सामने आए जब सूरत की एक महिला शिष्या ने आसाराम पर संगीन आरोप लगाए। अहमदाबाद के मोटेरा में अपने आश्रम में 2001 से 2006 के बीच बार-बार यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया।
इसके बाद एक और मामला आया जिसका निपटारा जनवरी 2023 में हुआ। मामले में गांधीनगर की एक अदालत ने आसाराम को रेप के लिए दोषी ठहराया। ये इस तरह के आरोपों पर उसकी दूसरी सजा थी। इन सजाओं के साथ ही आसाराम के बेटे नारायण साईं पर भी इसी तरह के कई आरोप लगे। साल 2013 में गुजरात के सूरत की दो बहनों ने आरोप लगाए थे कि आसाराम और नारायण ने उनका यौन उत्पीड़न किया था। बड़ी बहन ने आसाराम पर आरोप लगाया था और छोटी बहन ने नारायण पर सूरत आश्रम में हमले का आरोप लगाया था।
आईएएनएस इनपुट के साथ