शिव-पार्वती के लाडले, जय गणेश देवा हमारे… आज गणेश चतुर्थी के दिन अपनों को दें शुभकामनाएं
Ganesh Chaturthi 2025 Wishes: गणेश उत्सव के दौरान प्रथम पूज्य गणपति बप्पा की पूजा की जाती है। गणेश उत्सव की खुशियां अपनों के साथ बांटने से व्यवहार बढ़ता है। इस शुभ मौके पर अपने परिवार को शुभकामनाएं दे
- Written By: दीपिका पाल
Ganesh Chaturthi 2025 Wishes: आज यानि 27 अगस्त गणेश चतुर्थी के दिन 10 दिनों के गणेशोत्सव की शुरुआत होने जा रही है। गणेश उत्सव के दौरान प्रथम पूज्य गणपति बप्पा की पूजा की जाती है। गणेश उत्सव की खुशियां अपनों के साथ बांटने से व्यवहार बढ़ता है। आज इस शुभ मौके पर अपने परिवार, करीबियों और दोस्तों को आप गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दे सकते है।
गणेश उत्सव का यह दौर 10 दिनों का होता है इस दौरान गणपति बप्पा की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। 11वें दिन गणपति बप्पा की विदाई की जाती है। 10 दिन भक्तों के साथ रहने के बाद बप्पा अपने धाम वापस लौट जाते हैं।
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भगवान गणेश जी ही एकमात्र ऐसे देवता हैं, जिनकी पूजा में दूर्वा का प्रयोग किया जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, एक राक्षस था जिसका नाम अगलासुर था। वह ऋषि मुनियों को जीवित ही निगल जाता था। गणेश जी ने उस राक्षस का अंत करने के लिए उस राक्षस को निगल लिया था। राक्षस को निगलने के बाद गणेश जी के पेट में जलन हुई और पेट की जलन के शांत करने के लिए कश्यप ऋषि में दूर्वा दी थी। इसके बाद से पूजा में गणेश जी को दूर्वा अर्पित की जाती है।
गणेश जी से जुड़ी एक औऱ रोचक बात है कि, गणेशा का वाहन चूहा है जो पहले एक राक्षस था।जिसको गणेश जी ने चूहा बना दिया था। तब उसके प्रार्थना करने पर गणेश जी ने उसे अपना वाहन बना लिया, तब से गणेश जी को मूषकराज कहा जाता है।
गणेश जी बुद्धि के दाता कहलाते है। उन्हें लिखने में गणेश जी को विशेष दक्षता हासिल है। बताया जाता है कि, जब महाभारत लिखने के लिए ऋषि वेदव्यास जी को किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता पड़ी जो बिना रुके पूरी महाभारत की गाथा एकबार में लिख सके, तब गणेश जी ने महाभारत लिखी।
कहते है कि, गणपति बप्पा के दर्शन सदैव सामने की ओर से करने चाहिए। कहा जाता है कि इनके पीछे की तरफ दरिद्रता निवास करती है, इसलिए पीठ की तरफ से गणेश जी के दर्शन नहीं करने चाहिए।
रोचक बात है कि, भगवान गणेश जी को लाल और सिंदूरी रंग प्रिय है, जिसके कारण उन्हें लाल रंग के फूल अर्पित करने से वे प्रसन्न हो जाते हैं।
