बनारस की स्वादिष्ट मिठाई मलईयो (सौ.सोशल मीडिया)
Banaras Sweet Malaiyo: सर्दी का मौसम चल रहा है इस ठंडे तापमान में हर किसी को गर्मागर्म चाय की तलब होती है। इस मौसम में शरीर को गर्माहट देने के लिए कई मिठाईयां भी मार्केट में मिलती है। लेकिन आपने कभी उत्तरप्रदेश के बनारस में मलइयो मिठाई का स्वाद चखा है। यह मिठाई स्वाद में इतनी लाजवाब है कि, सर्दियों की ठिठुरन में भी लोग इस मिठाई का स्वाद लेना भूलते नहीं है। सिर्फ वाराणसी के लोग ही नहीं यहां पर आने वाले विदेशी पर्यटक भी इस स्वादिष्ट मिठाई का स्वाद चखते है।
यहां पर बनारस में मलइयो बेचने वाले दुकानदार इसकी खासियत बताते हुए कहते है कि, ठंड के मौसम के लिए यह एक तरह की अच्छी मिठाई है। ठंड में पड़ने वाली ओस से दूध को ठंडा किया जाता है और फिर इसमें रबड़ी, मलाई, केसर और इलायची मिलाकर इसे मथा जाता है। इससे निकलने वाली मलाई को एकत्रित किया जाता है। इसकी खासियत होती है कि यह मुंह में रखते ही घुल जाता है। मलइयो सिर्फ सर्दी के सीजन में तीन-चार महीने ही बनाए जाते हैं और इसका रंग पीला होता है। विशेष तौर पर एक झाग के रूप में कुल्हड़ में मलइयो खाया जाता है जो इस मिठाई को और स्वादिष्ट बनाता है.यहां पर बनारस में वैसे तो कई मिठाईयां बनती है लेकिन खाने पीने के शौकीन लोगों का मानना है कि बनारस जैसी मिठाई कहीं और नहीं मिलती। इस मिठाई का स्वाद चखने के लिए लोग तो सात समंदर पार से भी बनारस पहुंच जाते हैं।
बताया जाता है कि, इस स्वादिष्ट मिठाई को खाने के लिए लोग दिवाने रहते है। सुबह से शाम तक मिठाई की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ आम बात है।चूंकि इसकी शुद्धता और मिठास में कोई मिलावट नहीं है, तो हर उम्र के लोग शौक से इसे खाते हैं।पिस्ता और बादाम के मिश्रण से तैयार होने वाला यह व्यंजन ठंड के मौसम में शरीर में गर्माहट पैदा करता है। द्वारिकापुर, मीलकर बहार दुकान पर लोगों की भीड़ होती है।
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दुकानदार ने यह भी बताया कि ओस की बूंदों के बीच इसे रातभर रखकर ठंडा किया जाता है। बड़ी बात यह है कि ओस की बूंदें आंखों के लिए अच्छी मानी जाती हैं। ऐसे में यह सेहतमंद भी है।