किन्नौर कैलाश-महाभारत में इस पवित्र स्थान का नाम मिलता है यानि कहते हैं कि, इस स्थान पर भगवान शिव सर्दियों में देवताओं की सभा का आयोजन करते थे। वहीं पर महावीर योद्धा अर्जुन को इस जगह पर ही पाशुपतास्त्र भगवान शिव से प्राप्त हुआ था। कहते हैं कि, यह एक प्रकार का दिव्य पर्वत है जहां पर शिवलिंग का रंग बार-बार बदलता रहता है। कभी-कभी इस पर्वत का रंग सूर्योदय पर सफेद, सूर्यास्त पर पीला और रात में इसका रंग काला हो जाता है। कई भक्त किन्नौर कैलाश की यात्रा हर साल करते हैं।