- Hindi News »
- Photos »
- Nagpur Class Xii Exams Started Peacefully Know How The First Paper Was Through Pictures
Nagpur news: शांतिपूर्ण रूप से शुरु हुई बारहवीं की परीक्षा, कैसा रहा पहला पेपर, जानें तस्वीरों के माध्यम से
राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षण मंडल की ओर से आयोजित कक्षा बारहवीं की परीक्षा मंगलवार से शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हुई। पहला पेपर अंग्रेजी का था। विद्यार्थियों ने पेपर आसान होने का दावा किया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
शांतिपूर्ण शुरु हुई बारहवीं की परीक्षा। (सौजन्यः सोशल मीडिया)

राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षण मंडल की ओर से आयोजित कक्षा बारहवीं की परीक्षा मंगलवार से शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हुई। पहला पेपर अंग्रेजी का था। विद्यार्थियों ने पेपर आसान होने का दावा किया है। फिलहाल कहीं से भी किसी तरह की शिकायतें नहीं आईं। हालांकि वर्धा में 2 नकल के प्रकरण सामने आए हैं। नागपुर विभाग से इस साल 6 जिलों में कुल 1 लाख 58 हजार 537 परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण किया था। विभाग के भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर, गड़चिरोली, वर्धा, नागपुर जिलों के कुल 504 केंद्रों पर परीक्षा ली गई। शहर के डॉ. आंबेडकर महाविद्यालय, शिवाजी विज्ञान महाविद्यालय, धरमपेठ साइंस, धनवटे कॉलेज आदि परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से परीक्षार्थियों की भीड़ थी।

छात्र-छात्राओं ने अपने माता-पिता, दादा-दादी और रिश्तेदारों का आशीर्वाद लेकर तो कुछ ने सुबह विविध मंदिरों में दर्शन लेकर परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। अपने बच्चों को परीक्षा केंद्रों पर छोड़ने के लिए कुछ पालकों ने छुट्टी ले रखी थी। कुछ ने आधी छुट्टी में काम चला लिया। परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों का पहचान पत्र देखकर ही प्रवेश दिया गया। उन्हें पेपर शुरू होने के आधा घंटा पहले केंद्र में छोड़ा गया। 10 मिनट पहले उन्हें पेपर दिया गया। प्रत्येक केंद्र पर पुलिस का बंदोबस्त था। परीक्षा का पहला पेपर अंग्रेजी होने से शिक्षण मंडल के उड़नदस्तों ने विविध केंद्रों पर भेंट दी। परीक्षार्थियों, पर्यवेक्षकों और केंद्र संचालकों को केंद्र पर मोबाइल ले जाने पर बंदी थी।
“नागपुर: लता मंगेशकर हॉस्पिटल में दुर्लभ गर्भरोग का सफल उपचार, दो महिलाओं का जीवन बचाया”
नागपुर में थ्री सीटर ऑटो में 10 सवारी, सुरक्षा की दरकार और नियमों की अनदेखी
“नागपुर-अहमदाबाद नई एक्सप्रेस ट्रेन: रतलाम, उज्जैन और नागदा होकर यात्रा होगी आसान”
कट्टर देशभक्त थे सावरकर…नागपुर में गरजे नितिन गडकरी, राहुल गांधी पर जमकर साधा निशाना

परीक्षा के मद्देनजर मंगलवार की दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शालेय शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से आला अधिकारियों की बैठक भी ली। कुछ शिक्षाधिकारी तो निरीक्षण के दौरान ही परीक्षा केंद्रों पर बैठक मोबाइल के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। इस बीच मुख्यमंत्री ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी केंद्र में सामूहिक नकल या अन्य तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो स्कूल की मान्यता ही रद्द कर दी जाएगी। परीक्षा से पहले शालेय शिक्षा मंत्री द्वारा बार-बार दिए गए आदेश के बाद केंद्र संचालक भी सख्ती बरते हुए हैं। इस बार पहले प्रयोग के तौर पर पहले ही दिन 104 केंद्रों पर उस स्कूल के मुख्याध्यापक और शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई गई। बल्कि अन्य स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। इतना ही नहीं जिन स्कूल में केंद्र था, वहां के शिक्षकों को छुट्टी दे दी गई। ताकि वे केंद्र में मौजूद ही न रहें।

बहरहाल परीक्षा का पहला दिन विभाग में कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मंगलवार से शुरू हुए 12वीं कक्षा के 1 लाख 58 हजार 537 छात्रों ने 504 केंद्रों पर परीक्षा दी। इस वर्ष राजस्व विभाग की मदद से अनुचित प्रकार रोकने के लिए हर परीक्षा केंद्र पर उड़न दस्ते तैनात किए गए थे। मंगलवार को पहला पेपर अंग्रेजी का था और परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई। इसके पूर्व व्यावहारिक, ग्रेडेड, मौखिक और आंतरिक मूल्यांकन परीक्षाएं 24 जनवरी से 10 फरवरी तक आयोजित की गईं। लिखित परीक्षा 11 फरवरी से 18 मार्च तक होने जा रही है। इसके लिए 504 परीक्षा केन्द्रों की व्यवस्था की गई है। सरकारी स्कूलों के साथ-साथ सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों के कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। नागपुर मंडल द्वारा प्रश्नपत्रों के लिए 84 कस्टडी सेंटर बनाए गए हैं।

हालांकि परीक्षा केंद्रों पर सख्ती के अलावा सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। इसके बाद वर्धा जिले के यशवंत विद्यालय केंद्र में 2 छात्र नकल करते पाए गए। छात्रों की उत्तर पत्रिका छिनकर उन्हें दूसरी उत्तर पत्रिका दी गई। इसके अलावा भंडारा, गोंदिया जिले के केंद्रों पर नकल के मामले सामने नहीं आए। हालांकि ग्रामीण भागों में कुछ केंद्रों के बाहर नकल कराने वाले सक्रिय जरूर थे, लेकिन पुलिस और केंद्र प्रमुख की सख्ती की वजह से उनकी दाल नहीं गल सकी।

कुकडे ले-आउट परिसर के रावसाहब ठवरे महाविद्यालय में केंद्र दिया गया है। केंद्र में 400 छात्र हैं। लेकिन बोर्ड ने 560 छात्रों को इसी केंद्र में बैठाने का निर्णय लिया। इस हालत में बचे हुए 160 छात्रों को बैठाने की व्यवस्था करीब के ही न्यू अपोस्टालिक स्कूल में की गई। इसके लिए स्कूल ने बोर्ड से अनुमति भी मांगी थी। बोर्ड ने उपकेंद्र के तौर पर दिया, लेकिन इस बारे में छात्रों व पालकों को जानकारी नहीं दी गई। सुबह 11 बजे जब छात्र केंद्र पर पहुंचे और अपना-अपना रोल नंबर खोजने लगे तो उन्हें नंबर ही नहीं दिखा। छात्र घबरा गए। साथ ही अभिभावक भी परेशान हो गए। परीक्षा शुरू होने में ज्यादा वक्त नहीं रह गया था। छात्रों सहित पालकों ने केंद्र अधिकारी से पूछताछ की तब बताया गया कि करीब वाले स्कूल में अन्य छात्रों की व्यवस्था की गई है। तुरंत छात्रों को दूसरे केंद्र की ओर दौड़ते हुए जाना पड़ा। अनेक पालकों ने रोष भी व्यक्त किया। हालांकि ठवरे महाविद्यालय द्वारा दोनों केंद्र में जानकारी देने के लिए एक-एक प्रतिनिधि रखा था, लेकिन छात्र अनभिज्ञ थे।

इस बार परीक्षा के लिए बोर्ड सहित शिक्षा विभाग कमर कसे हुए हैं। विभाग में कुल 44 उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं। हर जिले में 5-6 उड़न दस्ते बनाए गए हैं। सभी को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। विदर्भ के अंतिम छोर पर गडचिरोली जिले के सिरोंचा में उड़न दस्ता पहुंचा। दूरी अधिक होने से इसके लिए बोर्ड का उड़न दस्ता तड़के 5.30 बजे ही निकल गया था। इसके अलावा चंद्रपुर के भी दूर-दराज भागों में उड़न दस्तों ने दस्तक दी। बोर्ड, अधिकारियों के अलावा विभागीय आयुक्त, पुलिस विभाग, जिलाधिकारी, राजस्व अधिकारियों के भी उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं।

कुछ विद्यार्थियों ने कहा कि समय का नियोजन गड़बड़ाया, क्योंकि पेपर बहुत वर्णनात्मक था। कौन सा प्रश्न पहले हल करना है, यह तय करना जरूरी था। कुछ विद्यार्थियों ने कहा कि वे पूरा पेपर हल नहीं कर सके, क्योंकि कुछ प्रश्नों को हल करने में बहुत अधिक समय लग गया। जबकि कुछ विद्यार्थियों ने कहा कि उन्होंने आखिर के आधे घंटे में जल्दबाजी में पेपर पूरा कर लिया। वहीं जिनकी लिखने की स्पीड अच्छी थी उनके लिए पेपर काफी अच्छा रहा।

आज जब छात्र परीक्षा केंद्र के लिए घर से निकले तो सभी की हृदय गति बहुत तेज हो गई थी। वही जब वे परीक्षा केंद्र पर पहुंचे तो उनके गले सूखे जैसे हो गए थे। एक ओर उनके मन में डर था कि जो उन्होंने पढ़ाई की थी, वह समय पर याद रहेंगी या नहीं। लेकिन जब उनके हाथ में प्रश्नपत्र आ गया तो सभी के मन का तनाव कहीं दूर हो गया था। इसी के साथ सभी ने पहले दिन के अंग्रेजी के पेपर देकर धमाकेदार तरीके से परीक्षा की शुरुआत की, ऐसी प्रतिक्रिया पेपर देने के बाद बाहर निकले अधिकांश छात्रों ने दी। एक ओर जहां छात्र परीक्षा केंद्र के अंदर पेपर हल कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों को छोड़ने आए कई माता-पिता पूरे समय केंद्र के बाहर इंतजार करते रहे। बच्चों की परीक्षा का तनाव सबसे अधिक अभिभावकों को महसूस हुआ। उनके मन में उथल-पुथल साफ़ दिखाई दे रही थी। कुछ अभिभावकों ने तो अपने बच्चों की परीक्षा के लिए ऑफिस से छुट्टी भी ले ली है। पेपर खत्म होने के बाद बच्चों से एग्जाम की जानकारी लेने के बाद अभिभावकों का रिलैक्स हो गए।

12वीं की बोर्ड परीक्षा के पहले दिन उपराजधानी में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों के कारण छात्रों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक ओर शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या के साथ-साथ कई इलाकों में सड़कें बंद कर दी गई हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। इन सब के चलते कई लोगों ने परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले दोहरी परीक्षा देनी पड़ी। अमरावती रोड बंद था। इसके कारण छात्रों को परीक्षा देने में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से इसकी जानकारी दी नहीं गई थी। जिसके चलते इस क्षेत्र के छात्रों को परीक्षा देने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, बजाजनगर चौक पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण कुछ स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
Nagpur class xii exams started peacefully know how the first paper was through pictures
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
T20 WC 2026 का खिताब जीतने पर बोले सूर्या- खिलाड़ियों पर भरोसा ही जीत की कुंजी, बुमराह को बताया ‘देश की धरोहर’
Mar 09, 2026 | 01:06 AMये हैं WC 2026 की रन मशीन, भारत के संजू-ईशान से लेकर साहिबजादा फरहान तक, जानें टॉप 5 बल्लेबाजों का प्रदर्शन
Mar 09, 2026 | 12:52 AMT20 WC 2026: संजू सैमसन ने रचा इतिहास, ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनकर कोहली और बुमराह के क्लब में हुए शामिल
Mar 09, 2026 | 12:41 AMIND vs NZ Final: हार के बाद छलका मिचेल सेंटनर का दर्द, कीवी कप्तान ने भावुक होकर कही ये बड़ी बात
Mar 09, 2026 | 12:33 AMविश्व कप में जीत के बाद हार्दिक पांड्या का बड़ा संकल्प, कहा- अगले 10 सालों में जीतना चाहता हूँ 10 और ICC खिताब
Mar 09, 2026 | 12:22 AMT20 WC चैंपियन बनने के बाद अभिषेक शर्मा का बयान, कहा- मुझ पर भरोसा रखा ये मायने रखता है
Mar 09, 2026 | 12:16 AMAaj Ka Rashifal 09 March 2026: सोमवार को तुला और मीन राशि वालों की खुलेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल
Mar 09, 2026 | 12:05 AMवीडियो गैलरी

ममता बनर्जी पर जमकर गरजे गिरिराज सिंह, कहा- उन्हें रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिमों की ज्यादा चिंता
Mar 08, 2026 | 10:29 PM
UTS ऐप हुआ बंद, रेलवे स्टेशन पर टिकट को लेकर छिड़ी जंग; विरार में महिला और TTE के बीच हुई तीखी नोकझोंक- VIDEO
Mar 08, 2026 | 10:11 PM
‘सत्ता का अहंकार जल्द होगा चूर-चूर’, राष्ट्रपति मुर्मू के अपमान पर भड़के PM मोदी; TMC को दी चेतावनी- VIDEO
Mar 08, 2026 | 09:55 PM
JDU में ‘निशांत युग’ का आगाज! भावी उत्तराधिकारी की तरह हुआ स्वागत, पिता के राज्यसभा जाने पर दिया बड़ा बयान
Mar 08, 2026 | 09:44 PM
गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा में मोदी-योगी पर भड़के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, बोले- असली और नकली नेताओं..
Mar 08, 2026 | 02:15 PM
ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले को लेकर भड़के ओवैसी, मोदी सरकार की चुप्पी पर साधा निशाना
Mar 08, 2026 | 02:04 PM
















