प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे जैसी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं। उनका कहना था कि इन मांगों पर जल्द फैसला होना चाहिए। उनकी चिंता सिर्फ एक मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कार्रवाई और आंदोलन से जुड़े अन्य मामलों को लेकर भी है।