इसके साथ ही उम्मीदवार पोलिंग बूथ के पीठासीन अधिकारी को पहले ही बता दे देता है कि उसका पोलिंग एजेंट कौन होगा। इसके लिए अलग से एक फॉर्म जमा कराया जाता है। उम्मीदवार की ओर से फॉर्म और नाम दिए जाने के बाद ही चुनाव अधिकारी पोलिंग एजेंट को एक पहचान पत्र जारी करता हैं, जिसके बाद वो उस कमरे में बैठने के लिए अधिकृत होता है, जहां वोटिंग होती है।