'विलय होकर ही रहेगा...', डील से बौखलाए ड्रैगन ने ताइवान को दी खुली धमकी, अलर्ट मोड पर ताइपे

China Taiwan Tension: नए साल की शुरुआत के साथ ही एशिया में तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। चीन द्वारा ताइवान के चारों ओर बड़े सैन्य अभ्यास और जिनपिंग के तीखे बयान ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
"The merger will happen no matter what..." Enraged by the deal, China issues a direct threat to Taiwan; Taipei on high alert.
चीन ने ताइवान को दी चेतावनी, (डिजाइन फोटो)
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China Taiwan News In Hindi: चीन और ताइवान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने ताइवान के चारों ओर बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘जस्टिस मिशन 2025’ शुरू किया है। इस अभ्यास में थल सेना, वायु सेना, नौसेना और तोपखाने की यूनिट्स को तैनात किया गया साथ ही लाइव फायर ड्रिल भी की गई।

नए साल के मौके पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में ताइवान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि ताइवान किसी भी कीमत पर चीन में विलय होकर रहेगा और इस प्रक्रिया को कोई नहीं रोक सकता। शी के इस बयान के बाद ताइवान में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

रिस्पॉन्स सेंटर पूरी तरह सक्रिय

ताइवान के कोस्ट गार्ड ने बताया कि उनका इमरजेंसी मैरीटाइम रिस्पॉन्स सेंटर पूरी तरह सक्रिय है और चीनी नौसेना की हर गतिविधि पर करीबी नजर रखी जा रही है। ताइवान के रक्षा मंत्री ने कहा कि जब तक चीनी विमान और युद्धपोत आसपास मौजूद हैं तब तक सेना के आपातकालीन सुरक्षा उपाय जारी रहेंगे। इस बीच, ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने भी चीन को कड़ा जवाब दिया है। ताइपे स्थित प्रेसिडेंशियल ऑफिस से नए साल के मौके पर दिए गए अपने लाइव संबोधन में उन्होंने कहा कि ताइवान अपनी संप्रभुता की रक्षा और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति लाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय यह देख रहा है कि ताइवान के लोग अपने लोकतंत्र और सुरक्षा की रक्षा के लिए कितने दृढ़ हैं।

अमेरिका से डील के बाद बौखलाया ईरान

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय में किया गया है जब हाल ही में ताइवान और अमेरिका के बीच 11.1 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड आर्म्स डील हुआ है। इस डील की घोषणा के महज 11 दिन बाद चीन की ओर से इस तरह का सैन्य प्रदर्शन उसकी बढ़ती बौखलाहट को दर्शाता है।

‘जस्टिस मिशन 2025’ के दौरान पहली बार चीन की सेना ने खुलकर कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य बाहरी हस्तक्षेप को रोकना है। शी जिनपिंग ने अपने भाषण में कहा कि ताइवान स्ट्रेट के दोनों ओर रहने वाले लोग एक ही खून और संस्कृति से जुड़े हैं और मातृभूमि का पुनः एकीकरण ऐतिहासिक रूप से तय है।

बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव

इसके अलावा, शी जिनपिंग ने हांगकांग और मकाऊ को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक देश, दो सिस्टम की नीति को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए और दोनों विशेष प्रशासनिक क्षेत्रों को चीन के समग्र विकास में बेहतर ढंग से जोड़ा जाना चाहिए।

गौरतलब है कि 2022 के बाद यह ताइवान के आसपास चीन का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास माना जा रहा है। लाइव फायर ड्रिल, युद्धपोतों की तैनाती और संभावित नाकाबंदी जैसे संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

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