
BJD नेता हृषिकेश पाढ़ी के घर ED का बड़ा छापा, फोटो- सोशल मीडिया
Illegal sand mining Ganjam: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ओडिशा के गंजाम में अवैध खनन और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बीजू जनता दल (BJD) के उपाध्यक्ष हृषिकेश पाढ़ी के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान नोटों से भरी अलमारियां मिलने से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है।
ओडिशा के गंजाम जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम ने अवैध खनन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के तहत बीजू जनता दल (बीजेडी) के वरिष्ठ नेता और ठेकेदार हृषिकेश पाढ़ी के ठिकानों पर दस्तक दी। छापेमारी की यह प्रक्रिया उस समय एक सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गई जब जांच अधिकारियों ने पाढ़ी के आवास के अंदर रखी अलमारियां खोलीं। अलमारियां नोटों के बंडलों से ऊपर तक भरी हुई थीं, जिसे देखकर खुद जांच दल भी हैरान रह गया। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय ने अभी तक जब्त की गई कुल नकदी की सटीक राशि और उसके स्रोत के बारे में कोई आधिकारिक बकियान जारी नहीं या है, लेकिन बरामदगी का पैमाना बहुत बड़ा बताया जा रहा है।
पाढ़ी के कथित वित्तीय नेटवर्क और उनके संपर्कों को खंगालते हुए ईडी ने गंजाम जिले के लगभग 20 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। इस व्यापक अभियान में न केवल राजनीतिक हस्तियां, बल्कि बरहामपुर शहर के कई प्रमुख व्यवसायी भी जांच के दायरे में आए हैं। जांच एजेंसी लांजीपल्ली, बिजीपुर, जयप्रकाश नगर और न्यू बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक क्षेत्रों में स्थित आवासों और कार्यालयों की सघन तलाशी ले रही है। यह छापेमारी हृषिकेश पाढ़ी और उनके सहयोगियों पर लगे कर चोरी और बड़े पैमाने पर वित्तीय धांधली के आरोपों के संबंध में की जा रही है।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जिले में सक्रिय रेत माफियाओं ने एक सोची-समझी साजिश के तहत गरीब और अनजान लोगों का सहारा लिया। इन्होंने कथित तौर पर ऑटो मालिकों, ट्रैक्टर चालकों और यहाँ तक कि छोटी पान-मिठाई की दुकानों के मालिकों के नाम पर रेत के पट्टे (leases) हासिल किए और करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की। ईडी ने कम से कम छह ऐसे प्रमुख रेत माफियाओं के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिस्टम को चूना लगाया। इसी साक्ष्य के आधार पर शुरू हुई कार्रवाई में अब भारी मात्रा में बेहिसाब नकदी बरामद हो रही है।
इस पूरे मामले की गंभीरता नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की उस हालिया रिपोर्ट से भी जुडी है, जिसमें ओडिशा की रुशिकुल्या, बाहुदा और बड़ा नदियों के नदी तल पर हो रहे व्यापक अवैध खनन को उजागर किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवैध कारोबार से सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान पहुँचाया गया है। ईडी ने फर्जी और मनगढ़ंत दस्तावेजों का उपयोग करके छोटे खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर के आधार पर ईसीआईआर दर्ज कर यह जांच शुरू की थी।
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प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह भी पता चला है कि इन परिसरों और व्यापारिक गतिविधियों से गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले माफिया और दलाल जुड़े हुए हैं। इनमें कई ऐसे ‘बाहुबली’ और गुंडे शामिल हैं, जो अपनी शारीरिक और राजनैतिक ताकत का इस्तेमाल कर स्थानीय निवासियों को आतंकित करते हैं। ये लोग न केवल संसाधनों की चोरी कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय लोगों का शोषण करते हुए जबरन अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं। फिलहाल, आगे की जांच जारी है और उम्मीद है कि जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ेगा, कई और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां संभव हैं।






