

गुहावटीः कांग्रेस की निगाहें असम की सत्ता पर हैं। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे असम की सियासत तल्ख होती जा रही है। क्योंकि यहां भाजपा और कांग्रेस का सियासी टकराव पर्सनल लेवल पहुंच गया है। इसकी वजह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हैं, जो कभी कांग्रेस हुआ करते थे। राहुल गांधी के खिलाफ उनकी तीखी टिप्पणियों ने सियासी तल्कियों को व्यक्तिगत कर दिया है। आज राहुल गांधी ने असम के चायगांव में मंच से असम के मुख्यमंत्री को जेल भेजने की चेतावनी दी है।
राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे भारत का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री अमस का है। इनको जेल जान से कोई नहीं बचा सकता है। न अमित शाह बचा पाएंगे न भाजपा बचा पाएगी। कुछ समय में कांग्रेस के बब्बर शेर हिंमता बिस्वा सरमा को जेल पहुंचाएंगे।
'न अमित शाह बचा पाएगा, न मोदी बचा पाएगा'
गांधी ने आगे कहा कि आप के मुख्यमंत्री खुद को असम का मुख्यमंत्री नहीं बल्कि राजा समझते हैं। असम का राजा 24 घंटे कभी अडानी को कभी अंबानी को आपका धन आपकी जमीन देने में लगे हैं। मगर आप उनकी आवाज टीवी में सुनेंगे तो आपको पता लगेगा उनकी आवाज में डर है। उनके अंदर डर भरा हुआ है। क्योंकि वो जानते हैं एक कांग्रेस के शेर उनको जेल भेजे देंगे। असम के सीएम और उनके परिवार के लोगों ने जो भ्रष्टाचार किए हैं उसका कभी न कभी हिसाब देना पड़ेगा। इससे "न उनको मोदी बचा पाएगा न अमित शाह बचा पाएगा। वो जेल के अंदर दिखेंगे।
कांग्रेस की बैठक में हुई बातें लीक
बता दें कि जनसभा से पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं की बैठक की थी। इस बैठक में राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर हिमंता बिस्वा सरमा को जेल भेजेंगे। लिखकर ले लो। लेकिन कांग्रेस की बैठक शामिल किसी नेता ये बात लीक कर दी। इसके बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए लिखा कि राहुल गांधी स्वयं देशभर में दर्ज मामलों में जमानत पर बाहर हैं।
राहुल गांधी ने गौरव गोगोई को इसलिए भेजा असम
गौरतलब है कि असम में कांग्रेस और भाजपा में सीधी लड़ाई है। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी हर हाल में सत्ता पाना चाहती है। इसके लिए राहुल गांधी हाल ही में असम कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन किया। आगामी चुनाव के मद्देनजर फायर ब्रांड कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भेजा है।