(सोर्स-सोशल मीडिया)
मुंबई: शोले का गब्बर सिंह यानी अमजद खान भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन आज भी लाखों लोगों के दिल ने राज करते हैं। अमजद खान की आज डेथ एनिवर्सरी है। 27 जुलाई 1992 को हार्ट अटैक की वजह से अमजद खान का देहांत हो गया था। उनका जन्म 12 नवंबर 1940 को मुंबई के मुस्लिम फैमिली में हुआ था। आज भी लोग अहमद खान को गब्बर के नाम से जानते हैं। अहमद के शोले फिल्म के तीन डायलॉग आज भी फेमस है। जैसे कि कितने आदमी थे, तेरा क्या होगा कालिया, सो जा बेटा नहीं तो गब्बर आ जाएगा है।
अमजद खान ने मात्र 11 साल की उम्र में ही अभिनय शुरू कर दिया था। अमजद के पिता जयंत भी एक्टर थे। अमजद की पहली फिल्म नाज़नीन थी। इसके बाद उन्होंने अब दिल्ली दूर नहीं, हिन्दुस्तान की कसम और माया जैसी कई फिल्मों में काम किया। इसके बाद अमजद की झोली में ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले आई। यह फिल्म साल 1975 में रिलीज हुई थी। इसके बाद सिनेमा घरों में धूम मच गई थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। फिल्म के डायलॉग के चलते अमजद खान को गब्बर नाम से लोग जानने लगे।
अमजद खान के जिंदगी में एक वक्त ऐसा आया कि उनके हाथ से धीरे-धीरे सब चला गया। अमजद खान का एक बार बेहद खतरनाक एक्सिडेंट हो गया था। अमजद खान द ग्रेट गैंबलर की शूटिंग के लिए गोवा जा रहे थे, लेकिन उनकी फ्लाइट मिस हो गई। इसके चलते उन्होंने कार से जाने का फैसला किया। इसके बाद उनकी जिंदगी एक पल में बदल गई। दरअसल, जब वो कर से जा रहे थे, तो एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। ये टक्कर इतनी खतरनाक थी कि इस हादसे में अमजद के शरीर की हड्डियां तक टूट गईं। इलाज के दौरान अमजद कोमा में चले गए।
अमजद खान जब ठीक हुए, तो उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा। कुछ दिनों बाद अमजद का वजन तेरी से बढ़ने लगा। फिर एक दिन दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद अमजद खान इस दुनिया को छोड़ के हमेशा के लिए दूर चले गए। अमजद को जब दिल का दौरा पड़ा था, वह महज 47 साल के थे। उन्होंने शोले के अलावा परवरिश, मुकद्दर का सिकंदर, लावारिस, हीरालाल, पन्नालाल, देश प्रेमी, नास्तिक, सत्ते पे सत्ता, कुर्बानी, नसीब, लव स्टोरी, सुहाग, राम बलराम, सीता और गीता जैसी कई फिल्मों में काम किया।