stone crusher dust (सोर्सः सोशल मीडिया)
Yavatmal Farmers Protest: कुर्हा (तलनी) सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी की गिट्टी खदान से उड़ने वाली धूल के कारण आसपास की कृषि फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से आक्रोशित किसानों ने 27 जनवरी से खदान परिसर के सामने बेमियादी अनशन शुरू किया था।
हालांकि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के कारण यह आंदोलन तीन दिनों के लिए स्थगित किया गया था, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर सोमवार से 40 से 50 किसानों द्वारा फिर से तीव्र अनशन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। ईगल इंफ्रा इंडिया कंपनी को घाटंजी-आर्णी तथा पांढुर्णा-मांगुल सीमेंट सड़क निर्माण का ठेका मिला है। इस कार्य के लिए आवश्यक गिट्टी और अन्य सामग्री तलनी स्थित क्रशर से परिवहन की जा रही है। इसके लिए कंपनी द्वारा तलनी से कुर्हा तक के शासकीय पांदन मार्ग का उपयोग किया जा रहा है।
पिछले एक वर्ष से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, वहीं उड़ती धूल से आसपास की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। एक ओर प्राकृतिक आपदाओं का संकट और दूसरी ओर मानवीय लापरवाही से उत्पन्न हालात के चलते किसान पूरी तरह हताश हो चुके हैं। किसानों ने विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी, विधायक और तहसीलदार को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मामले की गंभीरता से दखल नहीं लिया है।
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अनशन की जानकारी मिलते ही प्रहार संगठन के तालुकाध्यक्ष रवि जाधव ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर किसानों से मुलाकात की। उन्होंने तुरंत किसान नेता बच्चू कडू से संपर्क कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान प्रहार संगठन के अध्यक्ष बच्चू कडू ने किसानों के समर्थन में मजबूती से खड़े रहने और कंपनी के खिलाफ कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया।