26 लाख में करोड़ों का घाट...रेतीघाट नीलामी में करोड़ों का घोटाला! मजदूर के नाम पर मैनेज हुए घाट

Yavatmal Sand Scam: यवतमाल में करोड़ों का रेतीघाट घोटाला! जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद खनन विभाग की चुप्पी। दुर्भा और जागजई घाटों की नीलामी में बड़ा प्रशासनिक हेरफेर।
Massive sand ghat auction scam in Yavatmal. Mining department ignored Collector's orders; Durbha and Jagjai ghats sold at low prices to laborers.
रेत घाट की नीलामी (सौजन्य-नवभारत)
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District Mining Department: यवतमाल जिले में रेत घाटों की नीलामी प्रक्रिया में जिला खनन विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर प्रशासनिक घोटाला सामने आया है। झरी जामणी तहसील के ‘दुर्भा-1’ और ‘दुर्भा-2’ तथा रालेगांव तहसील के ‘जागजई’ सहित जिले के कई रेत घाटों की नीलामी में नियमों को ताक पर रखकर शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।

बताया जा रहा है कि एक बड़े रेत ठेकेदार के यहां मजदूरी करने वाले ‘धीरज’ नामक व्यक्ति के नाम पर ‘दुर्भा-1’ जैसा करोड़ों का घाट मात्र 26 लाख रुपये में दिलाया गया। इसी तरह ‘दुर्भा-2’ भी बेहद कम कीमत पर नीलाम किया गया। वहीं, रालेगाव तहसील के ‘जागजई’ घाट, जिससे करोड़ों का राजस्व मिलने की संभावना थी, उसकी सरकारी कीमत केवल 9 लाख 65 हजार रुपये रखकर मात्र 11 लाख रुपये में नीलामी कर दी गई।

इस पूरे मामले में सरकारी अधिकारियों और रेत माफिया/ठेकेदारों के बीच आर्थिक सांठगांठ की आशंका जताई जा रही है, जिससे शासन को भारी राजस्व हानि हुई है। साथ ही, अवैध रेत उत्खनन और चोरी को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक दबाव बनाए जाने की भी चर्चा है।

सीए रिपोर्ट और बिडिंग में हेरफेर का आरोप

सूत्रों के अनुसार, ‘दुर्भा-1’ और ‘जागजई’ घाटों की नीलामी में सीए रिपोर्ट और बिडिंग लायबिलिटी में फेरबदल किया गया। नीलामी के दौरान प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के फर्जी होने की भी आशंका है। पूरी प्रक्रिया को ‘मैनेज’ कर एक सामान्य मजदूर के कागजात पर दो घाट हस्तांतरित किए गए, जिससे किसी संगठित और प्रभावशाली गिरोह की भूमिका की संभावना जताई जा रही है।

जिलाधिकारी के आदेश की अनदेखी

अनियमितताओं की शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने खनन और राजस्व विभाग की आपात बैठक ली। बैठक में ‘दुर्भा-1’, ‘जागजई’ सहित अन्य घाटों की नीलामी में गड़बड़ियों की जानकारी दी गई। गंभीरता को देखते हुए 13 जनवरी को जिलाधिकारी ने इन घाटों की नीलामी प्रक्रिया रद्द करने के मौखिक निर्देश दिए थे। हालांकि, अब तक जिला खनन विभाग ने इस संबंध में कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया है, जिससे मामले को दबाने की आशंका गहराती जा रही है।

लिखित आदेश मिलते ही होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी कार्यालय में 13 जनवरी को आयोजित बैठक में संबंधित रेत घाटों की नीलामी प्रक्रिया रद्द करने के संबंध में मौखिक निर्देश दिए गए थे। हालांकि, इस विषय में अब तक जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। जब तक वरिष्ठ स्तर से लिखित आदेश प्राप्त नहीं होते, तब तक विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई या कोई आदेश जारी करना तकनीकी रूप से संभव नहीं है। जैसे ही लिखित आदेश प्राप्त होंगे, तत्काल आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

  • संजय जोशी, जिला खनिज अधिकारी, यवतमाल
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