Mukt Vasahat fund release (सो्र्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Housing Scheme: इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग द्वारा यशवंतराव चव्हाण मुक्त वसाहत योजना के अंतर्गत लंबित घरकुलों के लिए 119 करोड़ 52 लाख रुपये के वितरण को मंजूरी दी गई है। इसमें यवतमाल जिले के 30 हजार 384 लाभार्थियों को 26 करोड़ 61 लाख रुपये की राशि प्राप्त होगी। इससे लंबित घर निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार अन्य आवास योजनाओं के साथ इस योजना का भी क्रियान्वयन कर रही है। वर्ष 2023-24 में जिले में 5,077 घरों को दो चरणों में मंजूरी दी गई थी। इसके तहत 21 करोड़ 6 लाख 500 रुपये और 7 करोड़ 48 लाख 500 रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि स्वीकृत घरों को पूर्ण करने के लिए लगभग 65 से 67 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी। पर्याप्त निधि न मिलने के कारण कई घरों का निर्माण कार्य अधूरा रह गया।
वर्ष 2024-25 के लिए सरकार ने पांच चरणों में 25,307 घरों को कार्योत्तर मंजूरी दी। इस प्रकार कुल 30,384 घरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिससे स्थानीय प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। अब तक इन घरों के लिए 80 से 82 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जबकि वास्तविक आवश्यकता 300 से 350 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। ऐसे में 50 प्रतिशत राशि भी उपलब्ध नहीं हो पाई है, जिससे लाभार्थियों में चिंता बनी हुई है।
अब सरकार ने दूसरे हफ्ते के वितरण को मंजूरी दे दी है। सात चरणों में कार्योत्तर स्वीकृति प्राप्त घरों के लिए जिले को 26 करोड़ 61 लाख रुपये जारी किए जाएंगे। हालांकि सभी घरों को पूर्ण करने के लिए अभी भी अतिरिक्त निधि की आवश्यकता बनी हुई है। शासन से निधि वितरण में तेजी लाने की मांग की जा रही है।
मुक्त वसाहत योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से कम होना आवश्यक है। साथ ही लाभार्थी महाराष्ट्र का निवासी होना चाहिए और उसके पास स्वयं का पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
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यह निधि मुख्यतः विमुक्त जाति एवं घुमंतू जनजाति वर्ग के बेघर परिवारों के आवास निर्माण के लिए उपयोग में लाई जाएगी। निधि वितरण के लिए पुणे स्थित बहुजन कल्याण विभाग के संचालक को नियंत्रक अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि नवी मुंबई के सिडको भवन स्थित कार्यालय से सीधे निधि वितरण किया जाएगा। प्रत्येक लाभार्थी परिवार को लगभग 269 वर्गफुट क्षेत्रफल का अपना पक्का घर मिलेगा।