Yavatmal: दिग्रस में खनिज माफियाओं का आतंक, राजस्व अधिकारियों पर जेसीबी चढ़ाने की कोशिश, 12 पर FIR
Mineral Mafia Attack: वरोरा और दिग्रस क्षेत्र में खनिज माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। दिग्रस में अवैध मुरुम उत्खनन रोकने पहुंचे राजस्व अधिकारियों को जेसीबी से कुचलकर जान से मारने का प्रयास किया गया।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - AI)
Illegal Murum Mining In Yavatmal: यवतमाल जिले के अंतर्गत आने वाले दिग्रस तहसील के वसंत नगर से चितपातर रोड परिसर में अवैध गौण खनिज उत्खनन और उसके अवैध परिवहन का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इस बार रेत और मुरुम माफिया का हौसला इतना बढ़ गया कि मौके पर कानूनी कार्रवाई करने पहुंचे महसूल (राजस्व) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर सीधे जेसीबी मशीन चढ़ाकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई। इस खौफनाक और दुस्साहसिक वारदात से पूरे प्रशासनिक महकमे सहित तहसील में भारी हड़कंप मच गया है। दिग्रस पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल 12 लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
रात के अंधेरे में चल रहा था अवैध मुरुम उत्खनन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 मई की रात लगभग 11:30 बजे के दौरान अंतरगांव से चिंचोली मार्ग पर बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मुरुम का उत्खनन और परिवहन किए जाने की गोपनीय सूचना महसूल विभाग को मिली थी। इस सटीक सूचना के आधार पर राजस्व विभाग की एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में मंडल अधिकारी मोहम्मद शरीफ शेख मुनाफ, ग्राम महसूल अधिकारी अशोक सावले तथा मयूर चौधरी तत्काल निजी वाहन से घटनास्थल पर पहुंचे। जांच के दौरान अधिकारियों ने देखा कि वहां एक बड़ी जेसीबी मशीन और कुछ ट्रैक्टरों की मदद से अवैध रूप से खुदाई कर मुरुम भरा जा रहा था।
कागजात मांगने पर भड़के आरोपी, अधिकारियों पर चढ़ाई जेसीबी
महसूल अधिकारियों ने जब वाहनों को रोककर उनके चालकों से इस उत्खनन से संबंधित सरकारी अनुमति पत्र, रॉयल्टी रसीद और अन्य वैध दस्तावेजों की मांग की, तो आरोपी कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत करने में पूरी तरह असफल रहे। इसके बाद जब अधिकारियों ने नियमों के तहत वाहनों को जब्त करने के लिए पंचनामा की कागजी प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद वाहन चालक और उनके साथी अचानक बेहद आक्रामक हो गए।
सम्बंधित ख़बरें
साधारण शुरुआत, वैश्विक पहचान…रक्षा आत्मनिर्भरता में योगदान, नागपुर के सत्यनारायण नुवाल को पद्मश्री सम्मान
नासिक में फिर लगा ईंधन का झटका; पेट्रोल 112 पार, डीजल की किल्लत से पंपों पर भारी बवाल
US-ईरान तनाव का असर नवी मुंबई एयरपोर्ट पर, फिर टल सकती है इंटरनेशनल फ्लाइट्स की शुरुआत
बैकडेटेड किराया वृद्धि के खिलाफ नासिक के व्यापारियों ने महापौर से की मुलाकात, जल्द बुलाई जाएगी विशेष बैठक
यवतमाल पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, जब अधिकारी पंचनामा लिख रहे थे, तभी जेसीबी के मुख्य चालक ने अचानक मशीन स्टार्ट की और उसे सीधे खड़े अधिकारियों की दिशा में तेजी से बढ़ा दिया। चालक ने उन्हें मशीन के नीचे कुचलकर जान से मारने का सीधा प्रयास किया। गनीमत रही कि अधिकारियों ने समय रहते फुर्ती दिखाई और सड़क किनारे कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
यह भी पढें:- नासिक में मानसून से पहले मनपा की बड़ी मुहिम; डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए नागरिकों से ‘ड्राय डे’ की अपील
लोहे की रॉड और डंडे लेकर दोबारा धमकाने पहुंचे
राजस्व दल को डराने का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। इस जानलेवा हमले के कुछ ही समय बाद, मुख्य आरोपी नरेंद्र प्रकाश चव्हाण अपने साथ करीब 10 से 12 अन्य स्थानीय दबंगों को लेकर चार मोटरसािकिलों पर सवार होकर वापस घटनास्थल पर लौटा। इन सभी के हाथों में लोहे की भारी रॉड, डंडे और अन्य धारदार हथियार थे। इन लोगों ने सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को सरेआम अश्लील गालियां दीं, उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी दी और सरकारी जब्ती की कार्रवाई को जबरन रोकने का प्रयास किया।
इस बेहद तनावपूर्ण स्थिति के बाद राजस्व अधिकारियों ने तत्काल दिग्रस पुलिस स्टेशन पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने नरेंद्र प्रकाश चव्हाण सहित कुल 12 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न संगीन धाराओं तथा महाराष्ट्र जमीन महसूल संहिता के नियमों के अंतर्गत शासकीय कार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज किया है। दिग्रस पुलिस की विशेष टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
