यवतमाल: कुएं में गिरी तेंदुए की बची जान, 11 घंटे चले ऑपरेशन के बाद पिंजरे में हुई कैद
Leopard Rescue Yavatmal: यवतमाल जिले में बाणगांव में कुएं में गिरी मादा तेंदुए का सफल रेस्क्यू। वन विभाग की टीम ने पिंजरे के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने ली राहत की सांस।
- Written By: प्रिया जैस
तेंदुए का रेस्क्यू (फाइल फोटो)
Bangaon Leopard Incident: यवतमाल जिले के नेर तहसील के वनपरिक्षेत्र सीमा से लगे लोणाडी, सिंदखेड, जवलगांव, बाणगांव और मालखेड़ के खेत क्षेत्रों तथा पगडंडी रास्तों पर जंगली जानवरों की आवाजाही आम बात हो गई है। इससे क्षेत्र के नागरिकों में हमेशा भय का माहौल बना रहता है। 3 मार्च की रात के समय बाणगांव के खेत क्षेत्र, सर्वे नंबर 18/2 स्थित एक खेत की कुएं में एक तेंदुआ गिर गया।
तेंदुए की आवाज सुनकर बेबी रमेश राठोड़ खेत की ओर गईं। कुएं के पास पहुंचने पर उन्हें अंदर से किसी जंगली जानवर की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने कुएं में झांककर देखा तो उसमें तेंदुआ होने की पुष्टि हुई। उन्होंने तुरंत नेर के वनपरिक्षेत्र अधिकारी सुभाष लंबे को फोन पर सूचना दी।
सूचना मिलते ही लंबे ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया तथा यवतमाल से वन विभाग की त्वरित कार्रवाई दल को बुलाया गया। 4 मार्च की सुबह लगभग 11 बजे अथक प्रयासों के बाद वन विभाग की टीम ने कुएं में पिंजरा डालकर तेंदुए को सुरक्षित रूप से उसमें कैद कर लिया। जैसे ही पिंजरे को कुएं से बाहर निकाला गया, उपस्थित नागरिकों ने राहत की सांस ली।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर वन्यजीवों के लिए ‘संजीवनी’ बना सेमिनरी हिल्स का TTC; 6 महीनों में 1,139 जानवरों-पक्षियों की बचाई जान!
यवतमाल में छात्रावास घोटाला: CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, फर्जी छात्र संख्या और बिना टेंडर खरीद का बड़ा खेल
Bhandara News: लाखनी के सोनमाला जंगल में तेंदुए के दो शावक मिले, 24 घंटे अलर्ट पर वन विभाग
Yavatmal News: मारेगांव में 3 करोड़ की लागत से दो ग्रामीण सड़कों का होगा निर्माण, टेंडर जारी
यह भी पढ़ें – राज्यसभा की रेस से बाहर हुईं नवनीत राणा! टिकट कटते ही छलका दर्द, बोलीं- किसी भी मोड़ से करूंगी नई शुरुआत
यह रेस्क्यू ऑपरेशन उपवन संरक्षक धनंजय वायभासे तथा उपविभागीय वन अधिकारी भुवनेश्वर नारा के मार्गदर्शन में वनपरिक्षेत्र अधिकारी सुभाष लंबे के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई दल प्रमुख शाम जोशी, वनरक्षक अनिल मोहड, सुनील लोहकरे, मालखेड़े, पंकज नारे, पवन नाटकर, रोशन बागड़े, प्रतिभा अहिर, चेतन झंझाल, चंदा बागड़े, आरती देशमुख, भास्कर बांडे और सुचित्रा वगारे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मादा तेंदुए की उम्र चार से पांच वर्ष
यह एक मादा तेंदुआ है, जिसकी उम्र लगभग चार से पांच वर्ष बताई जा रही है। रेस्क्यू के बाद पशुधन विकास अधिकारी गोंडवे द्वारा उसकी स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के उपरांत तेंदुए को वन विभाग की सुरक्षित सीमा में छोड़ दिया गया।
