भीषण गर्मी (सोर्सः सोशल मीडिया)
Yavatmal Summer Dehydration News: यवतमाल गर्मी के मौसम की शुरुआत होते ही तेज धूप के कारण विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बढ़ते तापमान के कारण पसीना आना, सिरदर्द, दस्त, शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन तथा कब्ज जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए नागरिकों को गर्मी के दिनों में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ऐसा आवाहन श्री वसंतराव नाईक शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल, यवतमाल के जनऔषध चिकित्सा विभाग के प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश एस. जोगे ने किया है। गर्मी के मौसम में चक्कर आना, आंखों में जलन, लू लगना, डिहाइड्रेशन तथा हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
इसलिए केवल पंखे या एसी पर निर्भर रहने के बजाय खान-पान और दिनचर्या को संतुलित रखना आवश्यक है। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए प्रतिदिन कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना जरूरी है। भीषण गर्मी के दिनों में मसालेदार भोजन, जंक फूड, फास्ट फूड और चायनीज खाद्य पदार्थों का सेवन टालना चाहिए। इसके बजाय आहार में हरी सब्जियां, धनिया और फलों का समावेश करना चाहिए।
घर में बने शरबत, नींबू पानी, खीरे, छाछ और मठ्ठा जैसे पेय पदार्थों का सेवन करना लाभदायक होता है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर जाने से बचना चाहिए। बाहर निकलते समय टोपी और सनग्लासेस का उपयोग करना चाहिए। सूती कपड़े पहनना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। किसानों को खेती के काम सुबह जल्दी या शाम 5 बजे के बाद करना चाहिए।
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गर्मी के मौसम में सामाजिक कार्यक्रमों और विवाह समारोहों में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल होते हैं। ऐसे में आयोजकों को शुद्ध पेयजल की उचित व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे जलजनित बीमारियों से बचाव हो सके।
गर्मी के दिनों में नागरिकों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए, यदि कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न होती है तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर तुरंत उपचार कराना चाहिए। यह अपील अधिष्ठाता डॉ. प्रशांत उईके के मार्गदर्शन में जनऔषध चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश एस. जोगे ने यवतमाल जिले के नागरिकों से की है।