FDA action Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Lohara MIDC Factory: यवतमाल जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी क्रम में लोहरा एमआईडीसी क्षेत्र में नकली एवं मिलावटी खोया-पेड़ा निर्माण का एक गंभीर मामला सामने आया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
यह कार्रवाई लोहरा एमआईडीसी के प्लॉट क्रमांक बी-45 (एडिशनल एरिया) में स्थित सवाई सिंह राज पुरोहित के स्वामित्व वाली डी.के. बेकरी एंड नमकीन फैक्ट्री में की गई। सोमवार (2 फरवरी) की शाम यहां मिलावटी खोया और पेड़ा तैयार किए जाने की पुष्टि हुई।
अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई
इस संबंध में सोशल मीडिया कांग्रेस कमिटी के जिला अध्यक्ष कृष्णा पुसनाके, कांग्रेस नेता सचिन मनवर एवं प्रा. पंढरी पाठे ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही सह आयुक्त खाद्य प्रशासन महाजन को पूरे प्रकरण की जानकारी फोन पर दी गई, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमितकुमार उपलप ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री की गहन जांच की। जांच के दौरान लगभग 50 से 70 हजार रुपये मूल्य का नकली एवं मिलावटी खोया-पेड़ा जब्त किया गया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर फैक्ट्री को तुरंत सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान लोहरा पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी रोहित चौधरी भी उपस्थित थे।
जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री संचालक नकली खोया-पेड़ा गुजरात की ‘कन्हैया’ कंपनी के पैकेजिंग मटेरियल में पैक कर बाजार में बिक्री कर रहा था। प्राथमिक जांच के अनुसार यह अवैध गतिविधि पिछले एक से दो वर्षों से यवतमाल जिले में ही संचालित की जा रही थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमितकुमार उपलप ने बताया कि संबंधित फैक्ट्री के पास किसी भी प्रकार का वैध खाद्य लाइसेंस नहीं था।
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जांच के दौरान एक और गंभीर तथ्य सामने आया। फैक्ट्री में कुल चार मजदूर कार्यरत पाए गए, जो सभी राजस्थान राज्य के निवासी हैं। इनमें से दो मजदूरों की उम्र 18 वर्ष से कम होने की प्राथमिक जानकारी मिली है। इससे बाल मजदूरी कानून के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। यदि जांच में बाल मजदूर पाए जाने की पुष्टि होती है, तो फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।