यवतमाल में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ी, 3 महीनों में 842 पंजीयन; पर्यावरण संरक्षण की ओर बढ़ा रुझान
Yavatmal Electric Vehicle Registrations: यवतमाल जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। पिछले तीन महीनों में आरटीओ में 842 ई-वाहनों का पंजीयन हुआ, जिनमें सबसे अधिक ई-स्कूटर शामिल हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
EV Demand Maharashtra District ( Source: Social Media )
EV Demand Maharashtra District: यवतमाल पर्यावरण संरक्षण, बढ़ती ईंधन कीमतों और युद्धजन्य हालातों के बीच अब यवतमाल जिले में इलेट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते तीन महीनों में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में कुल 842 इलेक्ट्रक वाहनों का पंजीयन किया गया है।
आरटीओ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अवधि में विभिन्न प्रकार के ई-वाहनों का समावेश हुआ है। इनमें ई-स्कूटर की संख्या सबसे अधिक रही, जबकि अन्य श्रेणियों में भी नागरिकों की रुचि लगातार बढ़ती नजर आ रही है।
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पंजीकृत वाहनों में ई-रिक्शा (गुड्स) 4, ई-रिक्शा -(पैसेंजर) 1, ई-फोर कीलर 18, ई स्कूटर 692, मोपेड 65, ई-कार 26 श्री व्हीलर (गुड्स) 11, श्री व्हीलर -(पैसेंजर) 25 शामिल है। आरटीओं अधिकारी प्रशांत देशमुख ने बताया कि पर्यावरण सुरक्षा के दृष्टिकोण से इलेक्ट्रिक वाहन आज की आवश्यकता बन चुके हैं।
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम और प्रदूषण की समस्या को देखते हुए लोग अब वैकल्पिक साधनों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि नागरिकों में ई-वाहनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आरटीओ विभाग द्वारा समय-समय पर जनजागरण अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को इलेट्रिक वाहनों के फायदे, कम खर्च और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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सबसे ज्यादा बिके इलेक्ट्रिक स्कूटर, मध्य वर्ग की पसंद
बीते महीनों ने आकड़ों पर बात करे तो सबसे ज्यादा इलेट्रिक स्कूटरों की बिक्री हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह जागरूकता और सुविचार बढ़ती रहीं, ती आने वाले समय में यवतमाल जिले में इलेट्रिक वाहनों का उपयोग और भी तेजी से बढ़ेगा, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। लोगों की अब ऐसा लगने लगा है कि आने वाला समय बिजली व बैटरी वाले वाहनों का ही होगा।
