

Ullas Navbharat Literacy Programme FLNAT Exam: नासिक केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित 'उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा (एफएलएनएटी) महाराष्ट्र के सभी जिलों में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सदस्य सचिव और शिक्षा संचालक (योजना) कृष्णकुमार पाटिल ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी कि इस परीक्षा को पूरे राज्य में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसमें लगभग 1 लाख परीक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, वर्ष 2022-23 से 2026-27 की अवधि के लिए लागू इस अभियान का उद्देश्य असाक्षर नागरिकों को साक्षर बनाना है। वर्ष 2025-26 के पंजीकृत लाभार्थियों के लिए आज, रविवार 29 मार्च को विभिन्न स्कूलों में परीक्षा केंद्रों पर मूल्यांकन आयोजित किया गया। यह परीक्षा मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, गुजराती, कन्नड़, तेलुगु, तमिल और बंगाली माध्यमों में ली गई। सफल होने वाले नव-साक्षरों को केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
शिक्षा संचालक पाटिल ने परीक्षा के आंकड़ों और इसके दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डाला। इस वर्ष 1.23 लाख नए पंजीकरण हुए, जिनमें से लगभग 1 लाख परीक्षार्थी आज उपस्थित रहे। इससे पूर्व 21 सितंबर 2025 को हुई परीक्षा में लगभग 5 लाख लोग शामिल हुए थे। इस परीक्षा से लाभार्थियों में न केवल बुनियादी साक्षरता, बल्कि आर्थिक व डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता और जीवनोपयोगी कौशल का विकास होगा।
दादा भुसे और स्कूली शिक्षा व खेल राज्य मंत्री पंकज भोयर ने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दीं। परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए राज्य के सभी जिलाधिकारियों, शिक्षकों ने समन्वय के साथ कार्य किया, जिसके लिए शिक्षा संचालक ने सभी संबंधित विभागों का आभार व्यक्त किया है।
उल्लास कार्यक्रम केवल अक्षरों की पहचान नहीं, बल्कि नागरिकों को आधुनिक दुनिया के लिए आत्मनिर्भर बनाने का मिशन है। 1 लाख लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
-महाराष्ट्र, योजना, शिक्षा संचालक, कृष्णकुमार पाटिल