खादी मंडल ने किया मधुमित्र-मधुसखी पुरस्कारों का ऐलान; 20 मई को विश्व मधुमक्खी दिवस पर होगा वितरण
Madhumitra Awards 2026: महाराष्ट्र खादी मंडल ने वर्ष 2026 के मधुमित्र-मधुसखी पुरस्कारों की घोषणा की है। 20 मई को विश्व मधुमक्खी दिवस पर संभाजीनगर में इनका वितरण होगा।
- Written By: गोरक्ष पोफली
जानकारी देते हुए रवींद्र साठे (सोर्स: फाइल फोटो)
Madhumitra Awards Update: महाराष्ट्र राज्य खादी व ग्रामोद्योग मंडल की ओर से वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित और बहुप्रतीक्षित ‘मधुमित्र’ और ‘मधु-सखी’ पुरस्कारों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। मंडल के अध्यक्ष रवींद्र साठे ने मुंबई मराठी पत्रकार संघ में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में शहद उत्पादन और मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है।
इन दिग्गजों को मिलेगा सम्मान
इस वर्ष चयन समिति द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद ‘मधुमित्र’ और ‘मधु-सखी’ पुरस्कारों के लिए लातूर के ज्ञानेश्वर मलीले, छत्रपती संभाजीनगर के गणेश बुरकुल, बुलढाणा के राजेंद्र दास बैरागी और पुणे की श्वेता वायाल का चयन किया गया है। इसके अतिरिक्त, मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान को देखते हुए ठाणे के चंद्रकांत तरे, पुणे के संजय मारणे, कोल्हापुर के दयावान पाटील और जलगांव के विद्यानंद अहिरे को विशेष सम्मान (Special Recognition) के लिए चुना गया है। यह भव्य पुरस्कार समारोह 20 मई 2026 को ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ (World Bee Day) के अवसर पर छत्रपती संभाजीनगर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें विजेताओं को स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र और नकद राशि प्रदान की जाएगी।
मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम
अध्यक्ष रवींद्र साठे ने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और मधुमक्खी पालन को एक प्रमुख व्यवसाय के रूप में स्थापित करने के लिए मंडल ने वर्ष 2023 से यह पुरस्कार योजना शुरू की है। मंडल के शहद निदेशालय द्वारा राज्य भर में मुफ्त प्रशिक्षण, जन जागरूकता मेले, मधु महोत्सव और ‘मधाचे गाव’ (शहद का गांव) जैसी कई अभिनव योजनाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं।
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उन्होंने जानकारी दी कि मधाचे गाव योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 17 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट प्रावधान किया है। इसके पहले चरण के तहत राज्य के दस जिलों के दस गांवों में विकास कार्य तेजी से शुरू हो चुका है। पिछले दो महीनों के भीतर ही 348 मधुपालकों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया गया है और 1750 मधु पेटियों (Bee Boxes) सहित सुरक्षा उपकरण व आवश्यक सामग्री का मुफ्त वितरण किया गया है।
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12 गांवों को ‘मधुग्राम’ का दर्जा और बंपर रोजगार
पारंपरिक शहद उत्पादन को व्यावसायिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए राज्य सरकार ने पालघर, नांदेड़, नंदुरबार, हिंगोली, नासिक और अहिल्यानगर सहित कुल 12 प्रमुख गांवों को ‘मधुग्राम’ का दर्जा दिया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री रोजगार निर्माण कार्यक्रम के तहत वर्ष 2035-26 में 5,791 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसके जरिए राज्य के 8,624 लोगों को सीधे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
साठे ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के आह्वान को ध्यान में रखते हुए मंडल ने पूरे महाराष्ट्र में हर घर खादी, घर घर खादी अभियान को बेहद आक्रामक तरीके से शुरू किया है, ताकि स्थानीय बुनकरों और खादी उद्योगों को नया जीवन मिल सके।
