इलाज के पैसे नहीं थे, तो यूट्यूब देखकर बनाया टॉकिंग बम! अस्पताल को लूटने की फिराक में था आरोपी, CP का खुलसा
Pune Hospital Bomb Case: पुणे के हडपसर अस्पताल में बम जैसी वस्तु रखने वाला आरोपी शिवाजी राठौड़ नागपुर से गिरफ्तार। इलाज के पैसों के लिए यूट्यूब देखकर बनाया था नकली बम।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सांकेतिक फोटो (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Pune Hospital Bomb Case Update: पुणे के हडपसर इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल में जीवित बम (IED जैसी वस्तु) रखकर पूरे शहर और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचाने वाले मुख्य संशयित आरोपी को गिरफ्तार करने में महाराष्ट्र एटीएस (दहशतवाद विरोधी पथक) और पुणे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरोपी की पहचान शिवाजी राठौड़ के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सोलापुर का रहने वाला है और फिलहाल पुणे के मांजरी इलाके में कपड़े और जूतों की दुकान चलाता है।
एटीएस की टीम ने आरोपी को नागपुर रेलवे स्टेशन (Nagpur Railway Station) के प्लेटफॉर्म नंबर ६ पर आजाद हिंद एक्सप्रेस से उतरते समय बेहद चालाकी से चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। इस पूरे मामले को लेकर पुणे के पुलिस आयुक्त (CP) अमितेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
इलाज के लिए पैसे जुटाने का था प्लान
पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले में अब तक कोई भी आतंकवादी एंगल (Terror Angle) सामने नहीं आया है और आरोपी ने इस पूरी घटना को अकेले ही अंजाम दिया था। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी शिवाजी राठौड़ 10 मई को अपनी किसी व्यक्तिगत बीमारी के इलाज के लिए उसी अस्पताल में गया था। अस्पताल का खर्च और इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। पैसों की तंगी से परेशान होकर उसने अस्पताल से मोटी रकम ऐंठने की एक खतरनाक साजिश रची। वह अस्पताल प्रशासन को बम की धमकी देकर पैसे वसूलने की तैयारी में था, हालांकि धमकी देने से पहले ही पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे ट्रैक कर लिया।
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यूट्यूब से सीखा बम बनाना
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने इंटरनेट और यूट्यूब (YouTube) वीडियो की मदद से ऑनलाइन बम बनाने का प्रशिक्षण लिया था। उसने अलग-अलग जगहों से सामग्री इकट्ठा की और महज 400 रुपये के खर्च में एक बम जैसी दिखने वाली वस्तु तैयार कर ली। इस फर्जी बम को बनाने के लिए उसने एक डिजिटल घड़ी, चार पाइप, सेलो टेप और काली-लाल तारों का इस्तेमाल किया था।
फॉरेंसिक और प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि इस बम जैसी वस्तु में कोई भी विस्फोटक पदार्थ नहीं था, यानी यह सिर्फ डराने के लिए बनाया गया एक डमी बम था। पुलिस को आरोपी के मांजरी स्थित घर की तलाशी के दौरान एक डिजिटल घड़ी भी मिली है, जो इस नकली बम से मेल खाती है। इसके अलावा उसके घर से २ किलो गांजा भी बरामद हुआ है, जिसकी अलग से जांच की जा रही है।
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नागपुर से होते हुए नेपाल भागने की थी फिराक
घटना को अंजाम देने के बाद जब पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच शुरू की, तो पता चला कि आरोपी ट्रेन के जरिए नागपुर की तरफ भागा है। पुणे पुलिस ने तुरंत अकोला पुलिस से संपर्क कर उसे मूर्तिजापुर स्टेशन पर पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह वहां हाथ नहीं आया। आखिरकार नागपुर रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाकर बैठी एटीएस की टीम ने उसे दबोच लिया।
जांच में पता चला है कि आरोपी नागपुर से हावड़ा होते हुए सीधे नेपाल भागने की फिराक में था, क्योंकि उसकी बहन नेपाल में रहती है। उसने अपनी बहन से कहा था कि भारत में इस समय बहुत गर्मी है, इसलिए वह कुछ दिन बिताने वहां आ रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर पुणे ला रही है, जिसके बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
