संभाजीनगर मनपा की कार्रवाई पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा जब नियमों का भरोसा दिया था, तो सुबह 5 बजे बुलडोजर क्यों चला?
Nashik TCS Case Demolition Update: मतीन पटेल की संपत्ति पर मनपा की तड़के हुई बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। मामले की अगली सुनवाई अब 18 मई को होगी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
हाईकोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Corporator Matin Patel property demolition: नगरसेवक मतीन पटेल की संपत्तियों पर महानगरपालिका द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर शुक्रवार को मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति वैशाली पाटील-जाधव ने मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आश्चर्य व्यक्त किया कि जब अदालत में नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था, तब प्रशासन ने इतनी जल्दबाजी में तड़के तोड़फोड़ की कार्रवाई क्यों की। मामले में दाखिल तीनों याचिकाओं पर अगली सुनवाई 18 मई को निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला और मनपा की कार्रवाई?
यह मामला तथाकथित कॉर्पोरेट जिहाद प्रकरण से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि आरोपी निदा खान को नगरसेवक मतीन पटेल ने अपने यहां आश्रय दिया था। इसी आधार पर महानगरपालिका प्रशासन ने 9 मई को मतीन पटेल के निवास, दुकान और लगभग 600 वर्गफुट क्षेत्र में बने कार्यालय को नोटिस जारी की थी। इसके अलावा ब्रिजवाड़ी स्थित प्लॉट क्रमांक 43 के मकान को भी नोटिस भेजी गई थी, जहां निदा खान के ठहरने का दावा किया गया था।
नोटिस जारी होने के अगले दिन रविवार की छुट्टी थी। इसके बाद 11 मई को याचिकाकर्ताओं ने महानगरपालिका को लिखित आवेदन देकर जवाब प्रस्तुत करने और आवश्यक दस्तावेज देने के लिए 15 दिनों की मोहलत मांगी थी। हालांकि प्रशासन की ओर से संपत्ति गिराने की तैयारी शुरू होने के बाद मतीन पटेल ने दो अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं, जबकि ब्रिजवाडी संपत्ति के मालिक हनिफ खान, सैयद खान और सैयद सरवर ने अलग याचिका दाखिल की।
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नोटिस की अवधि से पहले ही चल गया बुलडोजर
12 मई को हुई सुनवाई के दौरान मनपा प्रशासन ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जाएगी। इसी दिन प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर मकान से सामान हटाने की नोटिस भी जारी की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जब नोटिस की अवधि 13 मई दोपहर 12 बजे तक थी, तब प्रशासन ने उससे पहले ही 13 मई की सुबह लगभग पांच बजे बुलडोजर चलाकर संपत्तियां ध्वस्त कर दीं।
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याचिकाकर्ताओं की अदालत में दलीलें
याचिका में यह भी बताया गया कि संबंधित मकान वर्ष 1992 में खरीदा गया था और उस पर नियमित रूप से कर जमा किया जा रहा था। अदालत में वर्ष 2010-11 की कर रसीदें भी प्रस्तुत की गईं। साथ ही यह जानकारी दी गई कि संपत्ति पर लगभग 20 लाख रुपये का बैंक ऋण भी चल रहा है। याचिकाकर्ताओं ने यह आपत्ति भी उठाई कि केवल मतीन पटेल को ही नोटिस दी गई, जबकि संपत्ति में अन्य परिवारजनों की भी हिस्सेदारी है।
ब्रिजवाड़ी स्थित मकान के मालिकों ने अदालत में दावा किया कि उन्होंने मार्च 2026 में यह संपत्ति खरीदी थी और अभी वहां रहने नहीं गए थे। उन्होंने केवल रिश्तेदारों को अस्थायी रूप से चाबी दी थी। इसी मकान में आरोपी निदा खान के ठहरने का आरोप लगाया गया है। मामले में अधिवक्ता कृष्णा रोडगे और अभय सिंह भोसले ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखा। अब 18 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
