यवतमाल में नायलॉन मांजा पर लगा बैन, जिलाधिकारी ने जारी किए सख्त आदेश, विक्रेता बंटी गिरफ्तार
Nylon Manja Ban: यवतमाल जिले में नायलॉन मांजा पर स्थायी प्रतिबंध। पर्यावरण व मानव जीवन के खतरे को देखते हुए कलेक्टर ने निर्माण, बिक्री और उपयोग पर पूरा बैन लगाया।
- Written By: प्रिया जैस
नायलॉन विक्रेता बंटी गिरफ्तार (सौजन्य-नवभारत)
Yavatmal Collector Orders: पक्षियों, इंसानों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरे को देखते हुए, जिलाधिकारी विकास मीणा ने पूरे यवतमाल जिले में नायलॉन मांजा के नाम से मशहूर प्लास्टिक या सिंथेटिक धागे को बनाने, बेचने, स्टोर करने और इस्तेमाल करने पर परमानेंट बैन लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश एनवायरनमेंट (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1986 के धारा 5 के तहत तुरंत लागू किया गया है।
यह देखा गया है कि पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला नायलॉन धागा पक्षियों और इंसानों को गंभीर और कुछ मामलों में जानलेवा चोटें पहुंचा रहा है। इस आदेश को असरदार तरीके से लागू करने के लिए, जिले के सभी संबंधित लोकल बॉडी और पुलिस डिपार्टमेंट तुरंत टीमें बनाएं, साथ ही, जिलाधिकारी विकास मीणा ने आदेश दिया है कि नायलॉन मांजा के इस्तेमाल से होने वाले हादसों के बारे में बड़े पैमाने पर पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन चलाया जाए।
कलेक्टर के आदेश के अनुसार, जिले में नायलॉन मांजा बेचने या स्टोर करने वाले होलसेलर, रिटेलर और स्टॉकिस्ट पर भी रोक लगा दी गई है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति या संस्था एनवायरनमेंट (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1986 की धारा 15 के तहत सजा का हकदार होगा।
सम्बंधित ख़बरें
बांद्रा ईस्ट में रेलवे का महा-अभियान: ‘गरीब नवाज़’ बस्ती की 4 मंजिला अवैध झुग्गियों पर चला कोर्ट का बुलडोजर
अहिल्यानगर विधान परिषद सीट पर चुनाव का ऐलान, महायुति में मंथन तेज, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने ठोका दावा
पुणे के कोंढवा में बच्चों का मामूली झगड़ा बना सांप्रदायिक तनाव; बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस पर भी पथराव
न्याय के लिए किसान की वीरूगिरी, पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन, भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी का आरोप
नायलॉन मांजा कई तरह से खतरनाक
- यह खतरा खासकर मकर संक्रांति के त्योहार के दौरान काफी बढ़ जाता है।
- इस नॉन-डिग्रेडेबल धागे से होने वाले जान के नुकसान को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।
- यह धागा जल्दी खराब नहीं होता, इसलिए यह नालों, नदियों और झरनों में रुकावट पैदा करता है।
- गाय आदि अगर नायलॉन मांजा के टुकड़े अगर खा लेते हैं, तो उनका दम घुट जाता है।
- खतरनाक नालॉल मांजे के कारण अब तक अनगिनत पक्षियों की मौत हो चुकी है।
- नायलॉन मांजा वृक्षों पर उलझकर उसकी डालियों पर बुरा असर डालता है। मांजे से अब तक देश में कई लोगों की जान जा चुकी है।
- इससे जानवरों को खतरा होता है, साथ ही मिट्टी और पानी की गुणवत्ता भी कम होती है।
- बिजली के तारो पर इन धागों के रगड़ने से चिंगारी, आग, बिजली जाने, सबस्टेशन बंद होने और बिजली के उपकरणों को नुकसान जैसी दुर्घटनाएं होती है।
विक्रेता बंटी गिरफ्तार
यवतमाल शहर में प्रतिबंधित नायलॉन मांजा बेचने वाले एक दुकान पर पुलिस ने छापेमारी कर 13 हजार रुपए का माल जब्त किया है। यह कार्रवाई स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने 8 दिसंबर की शाम मारवाड़ी चौक इलाके में की। हजार का नायलॉन मांजा विक्रेता का नाम माल जब्त मारवाडी चौक निवासी कृष्णकुमार उर्फ बंटी सियोटिया बताया गया है।
मारवाड़ी चौक में पतंग बेचने का व्यवसाय करने वाला बंटी पिछले एक सप्ताह से प्रतिबंधित नायलॉन मांजा बेच रहा था। यह गोपनीय जानकारी स्थानीय अपराध शाखा को मिली थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गोल्ड नायलॉन मांजा के 13 बंडल और नायलॉन मांजा की 13 चक्रीयाँ कुल मिलाकर 13 हजार रुपये का माल जब्त किया।
यह भी पढ़ें – Nikay Chunav: 20 दिसंबर को वोटर्स की किस उंगली पर लगेगी स्याही! असमंजस में प्रशासन, कैसे होगी पहचान?
पंचनामा तैयार कर सामान जब्त किया और आरोपी बंटी सियोटिया को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए यवतमाल शहर पुलिस के हवाले किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात, उप-विभागीय पुलिस अधिकारी तथा स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक सतीश चवरे के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक मनीष गावंडे, पीएसआई गजानन राजमलू, सैय्यद साजिद, योगेश गटलेवार, अजय डोले, रूपेश पाली, योगेश डगवार, रितुराज मेडवे, सचिन घुगे, सुनील पैठणे और देवा होले, आकाश सूर्यवंशी ने की।
पशु-पक्षियों की जान का दुश्मन है नायलॉन
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पंचों की मौजूदगी में ‘बंटी पतंगवाला’ की दुकान पर छापा मारा। उस समय बंटी प्रतिबंधित नायलॉन मांजा बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। दुकान की तलाशी लेने पर एक सफेद बोरे में महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित नायलॉन मांजा मिला। यह मांजा पक्षियों, जानवरों और मानव जीवन के लिए खतरनाक होने के कारण इसकी बिक्री पर पूरी तरह रोक है।
