Nikay Chunav: 20 दिसंबर को वोटर्स की किस उंगली पर लगेगी स्याही! असमंजस में प्रशासन, कैसे होगी पहचान?

Voting ink on finger: 20 दिसंबर के मतदान में मतदाताओं की किस उंगली पर स्याही लगेगी? यवतमाल, पांढरकवड़ा और वणी में उलझन बढ़ी; प्रशासन ने आयोग से मार्गदर्शन मांगा।
Voting ink on finger: 20 दिसंबर के मतदान में मतदाताओं की किस उंगली पर स्याही लगेगी? यवतमाल, पांढरकवड़ा और वणी में उलझन बढ़ी; प्रशासन ने आयोग से मार्गदर्शन मांगा।
निकाय चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Yavatmal News: दिग्रस शहर के प्रभाग क्रमांक 2(ब), 5(ब) और 10(ब) सीटों के लिए 20 दिसंबर को मतदान होना है। लेकिन इसी प्रभाग के मतदाताओं ने 2 दिसंबर को प्रत्यक्ष नगराध्यक्ष तथा प्रभाग 2-अ, 5-अ और 10-अ के उम्मीदवारों के लिए मतदान किया था। उस समय उनके बाएं हाथ की तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) पर स्याही लगाई गई थी। यह स्याही कई दिनों तक नहीं मिटती।

ऐसे में 18 दिन बाद दोबारा मतदान के दौरान अब किस उंगली पर स्याही लगाई जाए, यही असमंजस स्थानीय प्रशासन के सामने खड़ा हुआ है। इस संबंध में चुनाव निर्णय अधिकारी ने राज्य निर्वाचन आयोग से आधिकारिक मार्गदर्शन मांगा है। इन तीनों प्रभागों में 12 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यदि कोई उम्मीदवार 10 दिसंबर की अंतिम तिथि में नाम वापस लेता है, तो संख्या घट सकती है।

असमंजस में स्थानीय प्रशासन

इसके बाद उम्मीदवारों को 19 दिसंबर तक यानी 9 दिन प्रचार की अनुमति होगी। 19 दिसंबर की रात 10 बजे प्रचार समाप्त होगा। 20 दिसंबर को सुबह 7:30 से शाम 5:30 बजे तक मतदान होगा। लेकिन इस दौरान बड़ी संख्या में वही मतदाता वोट डालेंगे जिन्होंने 2 दिसंबर को मतदान किया था और जिनकी उंगली पर स्याही अभी भी है।

नियमानुसार, स्याही मतदाता की पहचान और मतदान के प्रमाण के रूप में लगाई जाती है। यदि 20 दिसंबर तक स्याही नहीं मिटती तो गड़बड़ी संभव है। इसी कारण अधिकारियों ने पूछा है कि क्या दूसरी उंगली पर स्याही लगानी चाहिए? फिलहाल, स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं आने से मतदाताओं का भ्रम बढ़ता जा रहा है।

कुछ लोग स्याही का निशान हल्का होने की चिंता जता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि बोगस मतदान रोकने के लिए पहचान प्रक्रिया और कड़ी होगी। इन्हीं सवालों को लेकर नागरिकों ने प्रशासन से स्पष्ट और लिखित दिशानिर्देश तुरंत जारी करने की मांग की है।

प्रचार के लिए लेनी होगी अनुमति

उम्मीदवार 10 दिसंबर के बाद ही दोबारा प्रचार कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें चुनाव निर्णय अधिकारी से नई अनुमति लेना अनिवार्य होगा। रैली, पोस्टर, सभा आदि के लिए अनुमति एवं प्रतिदिन का खर्च विवरण जमा करना भी जरूरी होगा।

मार्गदर्शन मिलने के बाद ही अंतिम निर्णय

पुनर्मतदान में मतदाताओं की किस उँगली पर स्याही लगाई जाएगी, यह अभी तय नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन के बाद ही अंतिम निर्णय घोषित किया जाएगा। - मयूर राऊत, तहसीलदार एवं चुनाव निर्णय अधिकारी

पांढरकवड़ा और वणी में भी इसी तरह की स्थिति

पांढरकवड़ा नगर परिषद की सामान्य चुनाव प्रक्रिया 2 दिसंबर को हुई थी। लेकिन प्रभाग क्रमांक 8(अ) और 11(ब) की एक-एक सीट के लिए 20 दिसंबर को मतदान हो रहा है। यहां भी यही उलझन है। इसी तरह वणी नगर परिषद का पूरा चुनाव हो चुका है, लेकिन प्रभाग 14(क) की सीट के लिए 30 दिसंबर को मतदान होगा। वहां के मतदाताओं में भी यही भ्रम है।

इन 6 सीटों पर होगा मतदान

पालिका सीटें उम्मीदवार
दिग्रस 3 12
पांढरकवड़ा 2 9
वणी 1 3
कुल 6 24