जलापूर्ति योजनाओं पर उधारी का संकट (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Mahavitaran Electricity Bill Dues Yavatmal: महावितरण के अमरावती परिमंडल अंतर्गत अमरावती और यवतमाल जिलों की लगभग 4 हजार सार्वजनिक जलापूर्ति योजनाओं पर कुल 148 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। बकाया वसूली के लिए महावितरण ने सख्त रुख अपनाया है और बिल भुगतान में लापरवाही बरतने वाली योजनाओं की बिजली आपूर्ति कभी भी काटी जा सकती है।
इससे उत्पन्न होने वाले कृत्रिम जल संकट के लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे, ऐसा महावितरण ने स्पष्ट किया है। महावितरण द्वारा बकाया वसूली के लिए संबंधित विभागों से लगातार संपर्क किया गया है। प्रत्यक्ष मुलाकात, पत्र व्यवहार, स्मरण पत्र और मोबाइल संदेशों के माध्यम से बिल भरने की अपील की गई, लेकिन अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिलने के कारण अब बिजली आपूर्ति बंद करने की कार्रवाई अनिवार्य हो गई है।
इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालयों को आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं। अमरावती परिमंडल में कुल 3,987 सार्वजनिक जलापूर्ति योजनाएं बकायेदार हैं, जिन पर 148 करोड़ 49 लाख रुपये बकाया है। इनमें से यवतमाल जिले की 1,957 योजनाओं पर 58 करोड़ 85 लाख रुपये बकाया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष समाप्त होने में केवल 8 दिन शेष होने के कारण महावितरण ने वसूली अभियान तेज कर दिया है।
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इसी बीच 1 करोड़ 25 लाख रुपये की बकाया राशि के चलते 28 सार्वजनिक जलापूर्ति योजनाओं की बिजली आपूर्ति पहले ही बंद की जा चुकी है। मार्च महीने के आर्थिक महत्व को देखते हुए बिजली आपूर्ति बाधित होने से जल संकट उत्पन्न न हो, इसके लिए संबंधित विभागों से तत्काल बकाया राशि जमा करने की अपील मुख्य अभियंता अशोक सालुंके ने की है।
बिते कुछ समय से जिले में नागरिकों को सिलेंडर गैस मिलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सिलेंडर के लिए तडके ही गैस एजंसी की सामने कतारें लग रही हैं। अब बिजली वितरण विभाग सार्वजनिक जलापूर्ति योजना की बिजली आपूर्ति खंडीत करने की चेतावनी दे रहा है। ऐसे में लोगों की परेशानी और बढने के आसार दिखाई दे रहे है।