शिवभोजन थाली पर गैस की मार (सौजन्य-नवभारत)
Commercial Cylinder Supply Maharashtra: खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब छोटे शहरों पर भी पड़ रहा है। इस युद्ध का असर एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर पड़ा है और घरेलू गैस सिलेंडर ग्राहकों की गैस आपूर्ति तो ठीक है, लेकिन व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई है। जिससे होटल व्यवसाय में बड़ा संकट पैदा हो गया है।
उल्लेखनीय है कि सिलेंडर की कमी का असर राज्य सरकार की शिव भोजन योजना पर भी पड़ा है। जिसके कारण जिले में शिव भोजन थाली ‘ऑक्सीजन’ पर दिखाई दे रही है। सरकार की ओर से 10 मार्च को दिए गए निर्देशों के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई है और सिर्फ इमरजेंसी सेवा के तौर पर अस्पतालों और शिक्षा संस्थानों को गैस आपूर्ति जारी रखी गई है।
वहीं, घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य है, इसमें सिर्फ थोड़ा बदलाव करते हुए एक सिलेंडर के बाद 21 दिन बाद मिलने वाला सिलेंडर अब 25 दिन बाद मिलेगा। जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जिले में विभिन्न गैस कंपनियों के 21 वितरक हैं और 3 लाख 4 हजार 788 पंजीकृत ग्राहक हैं। जिसमें हर दिन 4 हजार 956 घरेलू गैस धारकों को सिलेंडर सप्लाई किए जा रहे हैं, जबकि 72 व्यावसायिक सिलेंडर आपूर्ति किए जाते हैं।
वहीं, जिले में आज की तारीख में जहां 7 816 घरेलू सिलेंडर उपलब्ध हैं, वहीं सिर्फ 103 व्यावसायिक सिलेंडर का स्टॉक है। उसमें से भी सिर्फ अस्पतालों और वसतिगृहों को ही व्यावसायिक सिलेंडर दिए जा रहे हैं। इसके चलते कई होटल वालों ने चूल्हे का सहारा लिया है। इसके साथ ही जिले में शिव भोजन केंद्र के संचालकों ने भी चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। उनके पास सिलेंडर खत्म हो गए हैं।
शिव भोजन केंद्र – 50
लाभार्थियों की संख्या – 5 से 6 हजार
गैस कंपनियों के वितरक – 21
पंजीकृत ग्राहक – 3 लाख 4 हजार 788
घरेलू सिलेंडर का उपलब्ध स्टॉक – 7,816
व्यावसायिक सिलेंडर – 103
शिव भोजन केंद्र के संचालकों को व्यावसायिक सिलेंडर आपूर्ति करने का सरकार से कोई आदेश नहीं मिला है। इसलिए, उन्हें सिलेंडर देना मुमकिन नहीं है। व्यावसायिक सिलेंडर सिर्फ हॉस्पिटल और वसतिगृहों को दिए जा रहे हैं।
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जिले में 50 शिव भोजन केंद्र हैं और हर दिन 5 से 6 हजार लाभार्थी इस शिव भोजन योजना का लाभ उठाते हैं। गैस सिलेंडर की कमी के कारण शिव भोजन केंद्र चलाना मुश्किल हो रहा था। लेकिन, संचालकों ने चूल्हे का सहारा लिया है। इमरजेंसी सेवा के तौर पर शिव भोजन केंद्रों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू रखी जाए। इसके लिए जिला आपूर्ति अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया। लेकिन, निराशा ही हाथ लगी।