वणी नगरपालिका चुनाव में बढ़ी राजनीतिक गरमाहट, दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर
Triangular Political Contest: वणी नगरपालिका चुनाव में भाजपा, शिंदे सेना और शिवसेना-कांग्रेस MVA के बीच त्रिकोणी मुकाबला तेज। दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर, मतदाताओं में उत्सुकता चरम पर है।
- Written By: आंचल लोखंडे
वणी नगरपालिका चुनाव में बढ़ी राजनीतिक गरमाहट (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Vani municipal election 2025: वणी नगरपालिका चुनाव का माहौल अब पूरी तरह गरमाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस बार का राजनीतिक संग्राम पहले की तुलना में अधिक रोचक और प्रतिष्ठापूर्ण बन चुका है। भाजपा, शिंदे सेना और शिवसेना (उबाठा) कांग्रेस महाविकास आघाड़ी के आमने-सामने आने से मुकाबला त्रिकोणी हो गया है। मतदाताओं में उत्सुकता चरम पर है और वर्तमान तथा पूर्व विधायकों सहित दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा सीधी दांव पर लगी हुई है।
इस बार नगरपालिका अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति (महिला) वर्ग के लिए आरक्षित है, इसलिए सभी दलों ने अपनी रणनीति बदलते हुए मजबूत महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। सत्ता परिवर्तन हो या सत्ता बरकरार रखना। तीनों ही दल पूरी ताकत से चुनावी बिगुल बजा चुके हैं।
त्रिकोणी मुकाबले ने बढ़ाई धड़कनें
भाजपा ने पूर्व विधायक संजीवरेड्डी बोदकुरवार के मार्गदर्शन में युवाओं और ऊर्जावान प्रत्याशियों को टिकट दिया है। प्रभागवार चुनावी योजना के साथ घर-घर संपर्क अभियान तेज हो गया है। शहराध्यक्ष एड. निलेश चौधरी के नेतृत्व में बड़ा कार्यकर्ता समूह मतदाताओं तक पहुंचने के लिए सक्रिय है।
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उधर, शिवसेना (उबाठा) के विधायक संजय देरकर और कांग्रेस के पूर्व विधायक वामनराव कासावार के नेतृत्व में महाविकास आघाड़ी भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर चुकी है। गहन निरीक्षण के आधार पर उपयुक्त उम्मीदवारों को टिकट दिए गए हैं और सत्ता परिवर्तन को लक्ष्य बनाकर रणनीति तैयार की गई है।
कड़ी मेहनत कर रहे सभी दल
वहीं, पूर्व विधायक विश्वास नांदेकर और नेता विजय चोरडिया के नेतृत्व में शिंदे सेना ने भी जोशीला प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। कम समय में युवाओं का भारी समर्थन मिलना शिंदे गट के लिए मजबूती का सबब बना है।
शहर के 14 प्रभागों में 29 नगरसेवक पद और नगराध्यक्ष पद के लिए सभी दलों ने जातीय और सामाजिक समीकरणों का हिसाब लगाकर रणनीति तय की है। कुछ प्रभागों में बागी उम्मीदवारों के मैदान में उतर आने से मुकाबला और पेचीदा हो गया है, लेकिन दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर होने के कारण सभी दल पूरी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
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8 उम्मीदवारों ने लिया नामांकन वापस
शुक्रवार, 21 नवंबर को कुल 8 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिए। इनमें प्रभाग 4 के 3, प्रभाग 9-बी के 2, प्रभाग 8 के 1, प्रभाग 14 के 1 तथा नगराध्यक्ष पद के एक उम्मीदवार का समावेश है। अब अध्यक्ष पद के लिए 7 उम्मीदवार जबकि नगरसेवक पदों के लिए 150 से अधिक प्रत्याशी मैदान में शेष हैं। 26 नवंबर को चुनाव चिह्न वितरण के बाद आधिकारिक प्रचार अभियान और गति पकड़ लेगा।
