यवतमाल में तहसीलदार की रेत माफियाओं पर कार्रवाई, डर से रेत तस्करों में मचा हड़कंप
Yavatmal Sand Smuggling: दीपावली के अवसर पर अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अपने गांव चले गए थे, इसी अवसर का फायदा उठाते हुए अवैध गौण खनिज (रेत) तस्करों ने चोरी-छिपे रेत की तस्करी शुरू कर दी थी।
- Written By: प्रिया जैस
रेत तस्करी (सौजन्य-नवभारत)
Yavatmal Sand Smuggling News: सूर्योदय से पहले ही महागांव तहसील क्षेत्र में रेत चोरी का धंधा जोरों पर था। लेकिन 28 अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे तहसील प्रशासन ने तीन अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर रेत से भरे तीन ट्रैक्टर जब्त किए। यह कार्रवाई उपविभागीय अधिकारी सखाराम मुले के मार्गदर्शन में परिविक्षाधीन तहसीलदार रोहित शिंदे ने की।
मंगलवार को तीनों ट्रैक्टरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें महागांव तहसील कार्यालय के प्रांगण में जब्त कर खड़ा किया गया। तहसीलदार की टीम ने योगेश कैलास राठोड़ के कब्जे में ट्रैक्टर क्रमांक MH 29/CJ/2024, जो मालेगांव सिपनदी नदी पात्र से रेत की तस्करी करते हुए पकड़ा। वहीं शाहरुख शेख रमजान के कब्जे में ट्रैक्टर क्रमांक MH 36/Z/2228, जो मालकिन्ही क्षेत्र में रेत ढोते हुए पकड़ा गया।
रेत तस्कर को पकड़ा
शिवाजी गरुड के कब्जे से नीले रंग का ट्रैक्टर (हेड) और लाल रंग की ट्रॉली (सोनालिका कंपनी) जो सवना–महागांव मार्ग पर रेत तस्करी करते हुए पकड़ी गई। गोपनीय जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई। तीनों ट्रैक्टरों से रेत की तस्करी करते हुए उन्हें रंगेहाथ पकड़ा गया। महागांव तहसील के महसूल विभाग में रोहित शिंदे को एक दबंग और निडर अधिकारी के रूप में जाना जा रहा है।
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प्रशासन ने पकड़ की मजबूत
उनकी इस कार्रवाई से रेत तस्करों में खौफ का माहौल बन गया है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पूर्व में तहसीलदार अभय मस्के के कार्यकाल में रेत माफियाओं को खुली छूट मिली हुई थी, जिसके कारण वे निरंकुश हो गए थे और उन्हें लगता था कि प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
लेकिन रोहित शिंदे ने अपने कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार रवैये से यह साबित किया है कि प्रशासन की पकड़ मजबूत है। इससे पहले भी उन्होंने कई तस्करों पर कार्रवाई कर दंड वसूला है तथा प्रकरण उपविभागीय अधिकारी उमरखेड के पास भेजे हैं। इस कार्रवाई से न केवल रेत माफियाओं की नींद उड़ी है, बल्कि सरकार की तिजोरी में भी राजस्व की बढ़ोतरी हो रही है।
