RTO कर्मचारियों ने किया महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ एल्गार, पदोन्नति और सेवा नियमों को लेकर आंदोलन तेज
RTO Employees Strike: लंबित मांगों और सेवा प्रवेश नियम लागू न होने से नाराज RTO कर्मचारियों ने अनिश्चित काल के लिए हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण परिवाहन कार्यालयों का कामकाज भी प्रभावित हुआ।
- Written By: अनन्या तिवारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI)
Maharashtra RTO Employees Strike For Indefinite Period: यवतमाल के उप प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO) के कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर शासन और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। व्यस्त कार्यकाल के दौरान शुरू हुई इस हड़ताल के कारण राज्यभर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ, तथा नागरिकों से जुड़ी अनेक सेवाओं पर असर पड़ा है।
सेवा प्रवेश नियम में देरी से पदोन्नति अटकी
कर्मचारियों का कहना है कि मोटर वाहन विभाग का नया स्ट्रकचर मंजूर हुए साढ़े तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सेवा प्रवेश नियम तैयार नहीं किए गए हैं। इसके कारण विभाग के अनेक कर्मचारी पदोन्नति भी नहीं मिल पा रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि इससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ रहा है तथा विभाग में व्यापक असंतोष का वातावरण बना हुआ है।
प्रशासन पर देरी का आरोप
हड़ताल का आह्वान करने वाले कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों की अधिकांश मांगों का समाधान स्थानीय प्रशासन स्तर पर ही किया जा सकता है। इसके लिए संगठन ने कई बार आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत किए, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने केवल मार्गदर्शन की आवश्यकता बताकर प्रस्ताव शासन को भेज दिए और निर्णय प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब किया।
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हड़ताल के कारण आरटीओ कार्यालयों में सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा देखने को मिला। विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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परिवहन मंत्री की बैठक का कार्यवृत्त नहीं जारी
आंदोलन के बीच महाराष्ट्र राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कुछ दिन पहले कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। कर्मचारियों का कहना है कि बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई थी, लेकिन अब तक उसका आधिकारिक कार्यवृत्त जारी नहीं किया गया है। प्रशासन के इस रवैये से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। कर्मचारी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
