

Maharashtra Employees Strike Impact On Sasoon Hospital: पुणे में राज्य के सरकारी, अर्ध-सरकारी तथा शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 21 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
‘राज्य सरकारी-निमसरकारी, शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी समन्वय समिति’ ने इस संबंध में सरकार को अल्टीमेटम दिया है। इस आंदोलन में ‘महाराष्ट्र गवर्नमेंट नर्सेस एसोसिएशन’ के शामिल होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेष रूप से पुणे के Sasoon Hospital में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कर्मचारी संगठनों की मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करना, अस्पतालों में परिचारिकाओं के रिक्त पदों को तत्काल भरना, ट्यूटर पदों पर पदोन्नति देना और सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करना शामिल है।
एसोसिएशन की पुणे अध्यक्ष प्रज्ञा गायकवाड़ ने स्पष्ट कहा है कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 21 अप्रैल से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
इस संभावित हड़ताल से सरकार के सामने प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और स्थिति को कैसे संभालती है।
दूसरी ओर, राज्य के करीब 17 लाख सरकारी, अर्ध सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी हड़ताल पर जाने के अपने निर्णय पर कायम हैं। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार ने कोई ठोस पहल नहीं की, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। इस हड़ताल से मंत्रालय से लेकर तहसील स्तर तक सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।