यवतमाल में घट रही शिक्षकों की संख्या, पांच साल में 652 पद कम, 35% स्कूलों में महिला शिक्षक नहीं
Yavatmal News: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में शिक्षकों की संख्या में भारी कमी आई है। खासकर महिला शिक्षकों में कमी चिंता का कारण बनी हुई है। जिले में यह स्थिति बेहद चिंताजनक मानी जा रही है।
- Written By: प्रिया जैस
जिला परिषद शिक्षक (AI Generated Photo)
Yavatmal News: यवतमाल जिले में शिक्षकों की भर्ती 2012 से बंद थी, और अब शुरू तो हुई है, लेकिन शिक्षकों की संख्या बढ़ने के बजाय लगातार घट रही है। पिछले पांच सालों में 652 पद कम हो गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में यह स्थिति बेहद चिंताजनक मानी जा रही है। शिक्षक दिवस 5 सितंबर को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि जिले में ही शिक्षकों की संख्या तेजी से घट रही है।
यवतमाल जिले में कुल तीन हजार से ज्यादा स्कूल हैं, जिनमें से लगभग दो हजार जिला परिषद के हैं। वर्ष 2020 में जिला परिषद के स्कूलों में 7,236 शिक्षक कार्यरत थे, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 6,584 रह गई है। हर साल 300 से 350 शिक्षक सेवानिवृत्त होते हैं, लेकिन उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं होतीं। पवित्र पोर्टल और बिंदु नामावली की खराबी को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।
महिला शिक्षकों की भारी कमी
- महिला शिक्षकों की कमी: जिले के 1,182 स्कूलों (35.56%) में एक भी महिला शिक्षक नहीं है। ऐसे में लड़कियों के लिए स्कूल में अपनी समस्याएं साझा करना मुश्किल हो जाता है।
- 545 स्कूलें चल रही एक शिक्षक के भरोसे: 545 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
- पुरस्कार वितरण में देरी: हर साल शिक्षक दिवस पर जिला परिषद द्वारा शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं, लेकिन इस बार भी सूची की घोषणा में देरी से समारोह के फीका पड़ने की आशंका है।
आंकड़े (पांच वर्षों में गिरावट)
2020-21 – 7,236
2021-22 – 6,875
2022-23 – 6,736
2023-24 – 6,477
2024-25 – 6,584
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जिले में कुल शिक्षक (2025)
जिला परिषद – 6,584
सरकारी – 843
अनुदानित – 5,749
बिना अनुदान के – 4,226
कुल – 17,402 शिक्षक
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स्थानांतरण प्रक्रिया अभी भी लंबित
जिला परिषद में स्थानांतरण की प्रक्रिया अभी लंबित है, इसलिए महिला शिक्षकों की नियुक्तियों पर फिलहाल कोई निर्णय संभव नहीं है। शिक्षक पुरस्कार वितरण 5 सितंबर को होना था। लेकिन कुछ तहसीलों में प्रतियोगिता और साक्षात्कार लंबित होने के कारण प्रक्रिया में देरी होगी।
– प्रकाश मिश्रा, प्राथमिक शिक्षाधिकारी, जिला परिषद
