डंपिंग ग्राउंड में लगी आग (सौजन्य-नवभारत)
Municipal Council Negligence: नेर शहर से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित नगर परिषद के कचरा डंपिंग ग्राउंड में मंगलवार आधी रात को भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आकर बड़ी मात्रा में जमा कचरा जलकर राख हो गया। आग से उठने वाला घना धुआं पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास के नागरिकों, किसानों और सड़क से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डंपिंग ग्राउंड में लंबे समय से बड़ी मात्रा में कचरा जमा था। अचानक कचरे में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग से उठने वाले धुएं के कारण पूरे क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित हो गया। इससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। नप द्वारा शहर के बाहर कचरा डंपिंग ग्राउंड का निर्माण किया गया है।
कचरे के प्रसंस्करण के लिए यहां लाखों रुपये खर्च कर व्यवस्था तैयार की गई थी। साथ ही कचरे से खाद उत्पादन परियोजना शुरू करने की योजना भी बनाई गई थी, लेकिन यह परियोजना अब तक पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी है। इस कारण नप के खर्च और योजना पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद यह भी सामने आया कि डंपिंग ग्राउंड परिसर में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कूड़ाघर का मुख्य गेट टूटा हुआ है, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से अंदर प्रवेश कर सकता है। नागरिकों का कहना है कि इसी लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
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इस घटना से नप प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है। घटना के बाद नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस उपाय करने और मामले की जांच कराने की मांग की है।
इस संबंध में नगर परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी भूषण चव्हाण ने बताया कि दिन के समय डंपिंग ग्राउंड पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहता है, लेकिन रात में गार्ड नहीं रहता। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। साथ ही अब तक तैयार हुई खाद का उपयोग डंपिंग ग्राउंड में बने गड्ढों को भरने के लिए किया गया है।