यवतमाल में बढ़ा मच्छर जनित बीमारियों का खतरा, मलेरिया के 12 और डेंगू के 5 मरीज मिले, 3.5 लाख सैंपल जांचे
Yavatmal Monsoon News: यवतमाल जिले में अब तक मलेरिया के 12 और डेंगू के 5 मामलों की पुष्टि हुई है। बाभुलगांव के आसेगांव देवी में 7 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
- Written By: केतकी मोडक
यवतमाल मलेरिया ऑफिस प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- AI)
Monsoon Mosquito Breeding Prevention Yavatmal: बारिश का मौसम शुरू होते ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यवतमाल जिले में इस वर्ष अब तक मलेरिया के 12 और डेंगू के 5 मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर में सर्वेक्षण, रक्त जांच और रोकथाम संबंधी उपाय तेज कर दिए हैं तथा नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। जानकारी के अनुसार, जून माह अपेक्षाकृत सूखा रहने के बाद जुलाई की शुरुआत में हुई बारिश और उसके बाद पड़े अंतराल के कारण कई स्थानों पर पानी जमा हो गया है।
इससे मच्छरों का प्रजनन बढ़ा और मलेरिया तथा डेंगू के मामले सामने आने लगे हैं। जिला मलेरिया कार्यालय के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान बुखार के लक्षण वाले साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों के रक्त नमूनों की जांच की गई। जांच में कई मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम अभियान को और तेज कर दिया है।
6,500 संदिग्धों की जांच, 5 में डेंगू की पुष्टि
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले पांच महीनों में डेंगू के 6,500 संदिग्ध मरीजों की जांच की, जिनमें 5 मरीज डेंगू संक्रमित पाए गए। जुलाई माह को डेंगू नियंत्रण माह के रूप में मनाया जा रहा है। जिले भर में जन-जागरूकता अभियान, लार्वा नष्ट करने के लिए टेमीफॉस का छिड़काव और विशेष सर्वेक्षण चलाए जा रहे हैं।
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सावधानी बरतने की अपील
यवतमाल जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. तनवीर शेख ने कहा कि बारिश के दौरान मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है। ऐसे में बुखार आने पर तुरंत रक्त जांच करानी चाहिए और समय पर उपचार लेना चाहिए। उन्होंने सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने, घर व आसपास पानी जमा नहीं होने देने, पानी की टंकियों, कूलरों और बर्तनों की नियमित सफाई करने तथा स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।
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आसेगांव देवी में मिले 7 मलेरिया मरीज
जिला हिवताप अधिकारी ने कहा है कि बाभुलगांव तहसील के आसेगांव देवी स्थित पारधी बस्ती में मुंबई से लौटे कुछ लोगों को बुखार की शिकायत हुई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच करने पर एक ही क्षेत्र के 7 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई। इसके बाद विशेष स्वास्थ्य दल तैनात कर सर्वेक्षण, दवा वितरण और अन्य नियंत्रण उपाय शुरू किए गए हैं।
