लाडकी बहिन योजना पर वडेट्टीवार का सरकार पर हमला: 92 लाख महिलाओं के नाम हटाने का दावा; अदिति तटकरे ने दी सफाई
Ladki Bahin Yojana EKYC: विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि कड़े नियमों के कारण लाडकी बहिन योजना से 92 लाख महिलाएं बाहर हुईं। महिला विकास मंत्री अदिति तटकरे ने आरोपों को गलत बताया।
- Written By: रूपम सिंह
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ladki Bahin Yojana EKYC Vijay Wadettiwar: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव से पहले ‘लाडकी बहिन’ योजना के लिए सरकार ने कोई शर्त नहीं लगाई थीं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सरकार ने कड़े नियम लागू कर लाखों महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया। वडेट्टीवार ने दावा किया कि ‘लाडली बहन’ योजना से करीब 92 लाख महिलाओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में जब सत्ताधारी दलों के नेता इन महिलाओं से वोट मांगने जाएंगे, तो उन्हें इसका जवाब देना पड़ेगा।
सरकार के खजाने में पैसा नहीं है, इसलिए सरकारी जमीनें औने-पौने दामों में उद्योगपतियों को देने का काम किया जा रहा है। सरकार ने आयकर भरने वाले लोगों को कर्जमाफी से बाहर रखने का फैसला किया है। किसानों से फॉर्म नंबर-16 भरवाया जा रहा है। जबकि ठेका कर्मचारी, आंगनवाड़ी सेविका, पुलिस पाटिल और तंटामुक्ति समिति के अध्यक्ष जैसे कई लोग भी यह फॉर्म भरते हैं, लेकिन उनकी वास्तविक आय बहुत कम होती है।
कर्जमाफी में भी लगाई गई शर्तें
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि सरकार की घोषित किसान कर्जमाफी योजना में इतनी शर्तें और नियम जोड़ दिए गए हैं कि इसका लाभकेवल 12 से 15 लाख किसानों तक ही सीमित रह जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों के कारण अधिकांश किसान कर्जमाफी से वंचित रह जाएंगे, उन्होंने सवाल उठाया कि यदि लाभ केवल कुछ चुनिदा किसानों को ही मिलने वाला है, तो सरकार इसे ‘संपूर्ण कर्जमाफी’ कैसे कह सकती है?
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EKYC नहीं, इसलिए रुका भुगतान
पात्र भुगतान रोकने से पहले उन्हें कई अवसर दिए गए और समय-सीमा भी 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई गई। सरकार ने किसी लाभार्थी को योजना से नहीं हटाया है। जिन्होंने ईकेवाईसी पूरा नहीं किया, उनका भुगतान केवल प्रक्रिया पूरी होने तक रोका गया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भी स्पष्ट किया है कि पुरुष लाभार्थियों और सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर अन्य किसी लाभार्थी से राशि की वसूली नहीं की जाएगी। अदिति तटकरे, महिला एवं बाल विकास मंत्री
