वर्धा में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, 3 पुलिसकर्मी घायल, भारी तनाव
Wardha Police News: वर्धा के पुलगांव में अवैध शराब पर कार्रवाई के दौरान पुलिस पर लाठियों और पत्थरों से जानलेवा हमला हुआ। थाना प्रभारी ढाकणे बाल-बाल बचे, जबकि 3 पुलिसकर्मी घायल हैं।
- Written By: केतकी मोडक
वर्धा पुलिस प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- AI)
Wardha Pulgaon Police Attacked News: वर्धा जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के बायफड़ स्थित पारधी बस्ती में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलगांव थाना प्रभारी पर भी सत्तूर से हमला करने का प्रयास किया गया। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मामले में पुलिस ने करीब 60 महिला-पुरुषों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, उपविभागीय पुलिस अधिकारी के निर्देश पर पुलगांव शराबबंदी पथक के सहायक पुलिस निरीक्षक मल्हारी तालीकोटे, सावंगी थाने के उपनिरीक्षक मधुकर सामलवार, हिंगनघाट थाने के पुलिसकर्मी सुमेध आगलावे, निलेश नगराले तथा भरोसा सेल की सोनी नगराले 11 जुलाई को बायफड़ पारधी बस्ती में अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने फोन कर बुलाई भीड़
कार्रवाई के दौरान पुलगांव पुलिस ने बस स्टैंड क्षेत्र से अवैध देशी शराब का परिवहन करते हुए अंजित और उसकी पत्नी को दोपहिया वाहन सहित पकड़ लिया। पंचनामा की कार्रवाई चल रही थी, तभी अंजित की पत्नी ने मोबाइल फोन से अन्य लोगों को बुला लिया। कुछ ही देर में 30 से 40 महिला-पुरुष मौके पर पहुंच गए और पुलिस के साथ अभद्रता करते हुए माहौल तनावपूर्ण बना दिया। इसी दौरान अंजित और उसकी पत्नी पुलिस की गिरफ्त से भाग निकले।
सम्बंधित ख़बरें
लाडली बहन योजना पर वडेट्टीवार का सरकार पर हमला: 92 लाख महिलाओं के नाम हटाने का दावा; अदिति तटकरे ने दी सफाई
अकोला के एडंली में कपास की फसल उखाड़ने पर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से मारपीट, 1 गिरफ्तार
गड़चिरोली में फिर शर्मसार हुई व्यवस्था, भामरागढ़ में चारपाई और नाव के सहारे अस्पताल पहुंचा गंभीर मरीज
महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस का नया रिकॉर्ड: शरद पवार को पछाड़ बने तीसरे सबसे लंबे समय तक रहने वाले CM
सूचना मिलने पर पुलगांव थाना प्रभारी ढाकणे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी दौरान पारधी बस्ती में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस पर लाठियों, धारदार हथियारों तथा पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में सहायक पुलिस निरीक्षक मल्हारी तालीकोटे, उपनिरीक्षक मधुकर सामलवार और पुलिसकर्मी सोनी नगराले घायल हो गए।
यह भी पढ़ें:- अकोला के एडंली में कपास की फसल उखाड़ने पर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से मारपीट, 1 गिरफ्तार
पारधी बस्ती में दंगा नियंत्रण बल तैनात
पुलिस के अनुसार, हमलावरों में से एक ने थाना प्रभारी ढाकणे पर सत्तूर से हमला करने का प्रयास किया और धारदार हथियार उनकी ओर फेंका, लेकिन वे बाल-बाल बच गए। सहायक पुलिस निरीक्षक मल्हारी तालीकोटे की शिकायत पर बायफड़ पारधी बस्ती के करीब 60 महिला-पुरुषों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पारधी बस्ती में दंगा नियंत्रण बल तैनात किया गया है। मामले की जांच जारी है।
