यवतमाल के सात विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारी की होड़; महायुति में स्थिति अस्पष्ट, MVA की सूची तैयार

आगमी विधानसभा चुनाव के लिए जिले के सातों निर्वाचन क्षेत्र में इच्छुकों की दावेदारी बढ़ती नजर आ रही है। एक ओर जहां महायुति में इच्छुकों की उम्मीदवारी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर महाविकास आघाड़ी में टिकट पाने को लेकर होड़ मची हुई है। कांग्रेस की ओर से अब तक 70 इच्छुकों ने उम्मीदवारी पर्चा भरा हुआ है।
Mahayuti MVA Competition for candidates in seven assembly constituencies of Yavatmal
महायुति और महाविकास अघाड़ी
Published on: 
Updated on: 

यवतमाल. आगमी विधानसभा चुनाव के लिए जिले के सातों निर्वाचन क्षेत्र में इच्छुकों की दावेदारी बढ़ती नजर आ रही है। एक ओर जहां महायुति में इच्छुकों की उम्मीदवारी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर महाविकास आघाड़ी में टिकट पाने को लेकर होड़ मची हुई है। कांग्रेस की ओर से अब तक 70 इच्छुकों ने उम्मीदवारी पर्चा भरा हुआ है। पुसद उमरखेड़, वणी, हाईवोल्टेज विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी महौल गर्माने लगा है।

वणी विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान उम्मीदवार भाजपा के संजीव रेड्डी बोदकुलवार बरकरार रहेंगे। यहां फिर से भाजपा कोई नया चहेरा देगी। इसे लेकर चर्चाओं का महौल गर्माया हुआ है। हालांकि वर्तमान विधायक संजीव रेड्डी बोदकुलवार पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि इस बार भी उनको ही टिकट मिलेगी। रालेगांव निर्वाचन क्षेत्र से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। इस निर्वाचन क्षेत्र से साल 1995 में प्रा। वसंत पुरके ने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़कर जीता था। लेकिन इसके बाद 2014 में मोदी लहर में भाजपा के आशोक उइके को जीत मिली। यह सिलसिला 2019 में जारी रहा। लेकिन वर्तमान समय पर रालेगांव विधानसभा क्षेत्र से लोकसभा चुनाव के दौरान महायुति के उम्मीदवार को कम वोट मिले। जिसके चलते लोगों के बीच में वर्तमान विधायक आशोक उइके के प्रति नाराजगी है।

साथ ही आने वाले विधानसभा चुनाव में भी इस क्षेत्र से भाजपा को कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। इस निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व मंत्री वसंत पुरके व अशोक उइके के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। यवतमाल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से साल 2004 में भाजपा के मदन येरावार ने जीत हासिल की थी। वहीं साल 2019 के चुनाव में मदन येरावार को कांग्रेस के प्रत्याशी बालासाहेब मांगुलकर ने कड़ी टक्कर दी थी।

वहीं इस बार भी महाविकास आघाड़ी की ओर से बालासाहेब मांगूलकर, प्रवीण देशमुख, शबीर खान के नाम की चर्चा चल रही है। हालांकि पार्टी की तरह से किसके नाम की घोषणा की जाती है यह अभी तक तय नहीं हो पाया है। शरद पवार गुट की ओर से संदीप बाजोरिया ने इस निर्वाचन क्षेत्र अपना दावा ठोंक दिया है।

दिग्रस, पुसद में युवाओं की तैयारी

दिग्रस निर्वाचन क्षेत्र से पालकमंत्री संजय राठोड, कांग्रेस की तरह से पूर्व गृह राज्य मंत्री के बेटे राहुल ठाकरे ने अपनी उम्मीदवारी पेश की है। वही आर्णी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व आदिवासी मंत्री शिवाजी मोघे के पुत्र जीतेन्द्र मोघे ने भी अपनी उम्मीदवारी पेश की है। पुसद निर्वाचन क्षेत्र से महाविकास आघाड़ी की ओर से ययाति नाइक ने अपनी दावेदारी पेश की है, वहीं अजीत पवार गुट से इंद्रनील नाइक ने दावेदारी पेश की है। उमरखेड़ निर्वाचन क्षेत्र से महाविकास आघाड़ी की ओर से धम्मानंद खडसे ने भी चुनावी मैदान में उतरने का मन बना लिया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com