लोहे-सीमेंट का ‘काला कारोबार’! GST चोरी के आरोपों से हिल गया झरी-जामणी का बाजार, विभाग पर उठे सवाल
Iron-Cement Business: झरी-जामणी में लोहे और सीमेंट व्यापारियों द्वारा मनमानी कीमत वसूली और GST चोरी के आरोप। ग्राहक और सरकार दोनों को भारी नुकसान, जांच की मांग तेज।
- Written By: प्रिया जैस
लोहा-सीमेंट घोटाला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra News: झरी जामणी तहसील के बडे गांवों में लोहे और सीमेंट के व्यापारियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर ये व्यापारी ग्राहकों से मनमाने दाम वसूलकर ‘आम के आम और गुठलियों के दाम’ वसूल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कथित तौर पर जीएसटी चोरी कर सरकार को लाखों का नुकसान पहुंचा रहे हैं।
शहर के बुद्धिजीवी वर्ग ने जीएसटी विभाग से आकस्मिक निरीक्षण की मांग करते हुए इस मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। जीएसटी लागू होने के पीछे सरकार की मंशा थी कि वस्तु एवं सेवा कर की एकीकृत प्रणाली से व्यापारियों द्वारा टैक्स चोरी रुक जाएगी और सरकार को नियमित राजस्व प्राप्त होगा। ग्राहकों को भी ठगी से राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन इसके विपरीत जीएसटी चोरी का धंधा फल फूल रहा है।
बिल में हेरफेर
कई व्यापारी तो लोहा और सीमेंट का बिल भी ग्राहक को नहीं देते। सूत्रों के अनुसार कई विक्रेता लोहे-सीमेंट की असली कीमत दिखाने के बजाय बिल में हेरफेर कर कम टैक्स दिखाते हैं, जबकि ग्राहकों से पूरी रकम वसूली जाती है। इससे न केवल ग्राहकों की जेब कट रही है, बल्कि सरकार को भी भारी नुकसान हो रहा है। लेकिन व्यापारियों ने मानो पुरानी आदत नहीं छोड़ी।
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GST विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
टैक्स चोरी की प्रवृत्ति छोड़ने के बजाय यह व्यापारी नए-नए तरीके निकालकर सरकार को चूना लगा रहे हैं। बडे ग्रामवासियों का कहना है कि यदि जीएसटी विभाग ने समय-समय पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो यह गोरखधंधा यूं ही चलता रहेगा। अब सबकी नजर जीएसटी विभाग पर है कि क्या वह इस टैक्स चोरी के खेल पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाएगा।
- नवभारत लाइव के लिए यवतमाल से रफीक कनोजे की रिपोर्ट
