- Hindi News »
- Maharashtra »
- Yavatmal »
- Fake Disabled Workers Prosecuted Certificates Verified Mumbai Benefits Recovered
फर्जी विकलांग कर्मियों पर गिरेगी गाज, प्रमाणपत्रों की सीधे मुंबई में होगी जांच, वसूला जाएगा लाभ
Fake Disability Certificate: यवतमाल जिला परिषद में फर्जी दिव्यांग मामलों की राज्य दिव्यांग कल्याण विभाग ने गंभीरता से समीक्षा की है। अब सभी फर्जी विकलांगकर्मियों पर गाज गिरने वाली है।
- Written By: प्रिया जैस

फर्जी प्रमाणपत्र (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Yavatmal News: यवतमाल जिला परिषद की नौकरी में विभिन्न लाभ लेने के लिए कई लोगों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र का इस्तेमाल करने की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही हैं। वर्षों तक इस मामले की शिकायतें की जाती रहीं। आखिरकार इस प्रकार की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए अब फर्जी दिव्यांग कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यवतमाल जिला परिषद में फर्जी दिव्यांग मामलों की राज्य दिव्यांग कल्याण विभाग ने गंभीरता से समीक्षा की है। इसी कारण दिव्यांग कल्याण विभाग ने 18 सितंबर को यवतमाल के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों की जांच करने के लिखित आदेश जारी किए हैं। यहां सीईओ के प्रशासनिक नियंत्रण में शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्माण और विभिन्न विभागों के कर्मचारी, शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी कार्यरत हैं।
इनसे वसूले जाएंगे लाभ
आदेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों ने दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त की है, पदोन्नति पाई है या अन्य लाभ उठाए हैं, उनकी जांच की जानी चाहिए। जांच के बाद जिन कर्मचारियों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिनका दिव्यांगता प्रतिशत 40% से कम है और फिर भी वे दिव्यांग कर्मचारियों के लाभ ले रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई होगी। उनके अब तक के लाभ वसूले जाएंगे।
सम्बंधित ख़बरें
एनएससीआई डोम में अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि, अजित दादा के सपने को मिलकर पूरा करेंगे: फडणवीस
Nashik News: स्थायी समिति के सभापति पद पर मच्छिंद्र सानप की ताजपोशी तय? दो उम्मीदवारों ने दाखिल किए नामांकन
बदलापुर में सत्तर से अधिक अतिक्रमण ध्वस्त, नपा क्षेत्र के अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ नपा की कार्रवाई
मध्य रेल को हुई 14,441 करोड़ रुपये की आय, यात्री किराए से कमाए 6,561.38 करोड़
जांच के अंत में केवल लाक्षणिक दिव्यांगता (बेंचमार्क डिसएबिलिटी) वाले कर्मचारियों को नियम के अनुसार लाभ दिए जाएंगे। ‘दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016’ में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार केवल वास्तविक दिव्यांग कर्मचारियों को लाभ मिलेंगे। विशेष रूप से शिक्षा विभाग में कई कर्मचारी फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर लाभ ले रहे हैं, ऐसी शिकायतें बार-बार की गईं।
यह भी पढ़ें – एनसीपी का चिंतन, भाजपा को चुनौती, गडकरी-फडणवीस का प्रभाव, फिर भी दबाव, बदलेंगे समीकरण?
इसके खिलाफ दिव्यांग कर्मचारी संगठन भी समय-समय पर आंदोलन कर रहा था, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। अब राज्य स्तर से ही इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद को फर्जी दिव्यांगों की जांच के आदेश दिए गए हैं। इससे जिला परिषद में वास्तविक दिव्यांगों के स्थान पर बैठे कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है।
अब मुंबई तक पहुंचेगा मामला
फर्जी दिव्यांग कर्मचारी हमारे लाभ ले रहे हैं, ऐसी शिकायतें वास्तविक दिव्यांग कर्मचारियों ने बार-बार की थीं। लेकिन प्रशासन में पॉलिटिक्स के कारण फर्जी दिव्यांग कर्मचारियों ने अब तक दबाव बना रखा था। अब राज्य स्तर से ही इस मामले को गंभीरता से देखा गया है। इसलिए जिला परिषद के दिव्यांग कर्मचारियों को अपने प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता साबित करनी होगी। इसके लिए सीधे मुंबई के जे।जे। अस्पताल जाना पड़ेगा। हालांकि इससे न केवल फर्जी कर्मचारियों, बल्कि वास्तविक दिव्यांग कर्मचारियों को भी जांच का झंझट सहना पड़ेगा।
मुंबई के JJ अस्पताल में होगी जांच
आदेश के अनुसार हमारे यहां के दिव्यांग कर्मचारियों की जांच मुंबई के जे.जे. अस्पताल द्वारा की जाएगी। इन कर्मचारियों को यवतमाल के मेडिकल बोर्ड से प्रमाणपत्र मिला है। इसलिए यवतमाल में ही उनकी जांच करना उचित नहीं होगा। इसीलिए यह जांच मुंबई से कराई जा रही है। इसके लिए अगले सप्ताह नियोजन किया जाएगा।
– प्रकाश मिश्रा, शिक्षा अधिकारी, यवतमाल
Fake disabled workers prosecuted certificates verified mumbai benefits recovered
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
क्या है दोहा समझौता? पाकिस्तान ने क्यों अफगानिस्तान को दिलाई इसकी याद?
Feb 24, 2026 | 01:13 AMपरमाणु ताकत बनाम छापामार लड़ाके: क्या तालिबान के जाल में फंस गया है पाकिस्तान?
Feb 24, 2026 | 01:12 AMइजराइल का ‘शैडोफैक्स’ मचाएगा युद्ध में तबाही, रिमोट से चलेगा ‘सौरन’, अब रोबोट करेंगे दुश्मनों का सफाया
Feb 24, 2026 | 01:11 AMAaj Ka Rashifal 24 February: मंगलवार को वृषभ और धनु राशि वालों को मिलेगा बंपर लाभ, जानें अपनी राशि का हाल!
Feb 24, 2026 | 12:05 AMZIM vs WI मुकाबले में हुई छक्कों की बारिश, टूटा विश्व रिकॉर्ड, T20 WC 2026 में दोनों टीमों ने मिलकर रचा इतिहास
Feb 23, 2026 | 11:49 PMवरमाला में हुआ टकराव! दुल्हन ने फेंकी माला, दूल्हे ने भी दिया वैसा ही जवाब
Feb 23, 2026 | 11:10 PMझारखंड में उड़ान भरते ही क्रैश हुई एयर एंबुलेंस, विमान में सवार थे 7 लोग, सामने आया हादसे का दर्दनाक VIDEO
Feb 23, 2026 | 11:00 PMवीडियो गैलरी

रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM
मां के प्यार को तरसा नन्हा बंदर: खिलौने को बनाया सहारा, जापान के ‘पंच’ की रुला देने वाली कहानी हुई वायरल
Feb 21, 2026 | 08:32 PM
AI Summit 2026: दिल्ली की सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर विदेशी मेहमान, अव्यवस्था देख बोले- ‘तभी टैलेंट देश…’
Feb 21, 2026 | 08:23 PM
हाथरस के इस पिता को सलाम! दिव्यांग बेटी के सपनों के लिए अपनी पीठ को बनाया कंधा, देखें यह वायरल VIDEO
Feb 21, 2026 | 03:35 PM
ग्रेटर नोएडा के रयान स्कूल में शर्मनाक लापरवाही! 1 घंटे तक बाथरूम में बंद रही छात्रा, उल्टा लिखवाया माफीनामा
Feb 21, 2026 | 03:29 PM














