दिवाली बिना वेतन! 38 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों की जेब खाली, ई-स्पर्श प्रणाली हुई फेल

NHM Contract Employees Salary Delay: महाराष्ट्र में ई-स्पर्श प्रणाली लागू न होने से राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के 38 हजार कर्मचारियों का 2 माह का वेतन बकाया है, जिससे दिवाली पर संकट उत्पन्न हो गया।
NHM Contract Employees Salary Delay: महाराष्ट्र में ई-स्पर्श प्रणाली लागू न होने से राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के 38 हजार कर्मचारियों का 2 माह का वेतन बकाया है, जिससे दिवाली पर संकट उत्पन्न हो गया।
यवतमाल न्यूज
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NHM Workers Protest Maharashtra: राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत कॉन्ट्रैक्ट अधिकारी और कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने के लिए राज्य सरकार ने अब ‘ई-स्पर्श’ प्रणाली लागू की है। लेकिन तकनीकी कारणों से यह प्रणाली अभी तक चालू नहीं हो पाई है, जिसके कारण राज्य के 38 हजार अस्थायी कर्मचारियों का वेतन अटका हुआ है। दिवाली के समय यह कर्मचारी बिना वेतन के फंसे हुए हैं।

इस अभियान के कॉन्ट्रैक्ट अधिकारी और कर्मचारियों का वेतन समय पर देने के मामले में सरकार हमेशा ही लापरवाह रही है। ई-स्पर्श प्रणाली आने से पहले भी वेतन में विलंब होता रहा है। अब जबकि दिवाली का समय है, राज्य के 38 हजार कर्मचारियों को दो महीने का वेतन अभी तक नहीं मिला है। इससे कर्मचारियों की दिवाली खुशियों पर असर पड़ा है।

स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन

कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि बकाया वेतन जल्द से जल्द देने के लिए जिले स्तर पर उपलब्ध 15वें वित्त आयोग के निधि का उपयोग किया जाए। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर को भी ज्ञापन सौंपा गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत नई ई-स्पर्श प्रणाली को राज्य स्तर पर लागू करने की कार्यवाही चल रही है। लेकिन तकनीकी कारणों से यह प्रणाली दिवाली तक चालू नहीं हो पाएगी।

इसलिए इस प्रणाली के माध्यम से अगस्त और सितंबर के बकाया वेतन को दिवाली से पहले देना संभव नहीं होगा। हर जिले में 15वें वित्त आयोग का कुछ निधि शेष है। कर्मचारियों का बकाया वेतन इसी से दिया जाना चाहिए, ऐसी मांग की गई है। ये कर्मचारी पहले ही कम वेतन पर काम कर रहे हैं। दो महीने से वेतन न मिलने के कारण उनकी कठिनाई और बढ़ गई है। दिवाली मनाना, बैंक के कर्ज का भुगतान करना आदि के लिए यह वेतन तुरंत मिलना आवश्यक है।

डेढ़ साल पहले आदेश जारी, पर अमल नहीं

स्वास्थ्य अभियान के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सरकारी सेवा में नियमित करने की मांग लंबित है। इस समायोजन के संबंध में डेढ़ साल पहले ही शासन ने निर्णय जारी किया था, लेकिन अभी तक इसकी अमलदारी नहीं हुई। इसलिए कर्मचारी संतप्त हैं। इसके अलावा वेतन में विलंब हो रहा है। इस विलंब के लिए स्वास्थ्य मंत्री उपसंचालकों से जवाब मांगते हैं, लेकिन जिन पर असली जिम्मेदारी है, जैसे सचिव, आयुक्त, सीईओ, उनसे मंत्री जवाब क्यों नहीं मांगते?

  • अशोक जयसिंगपुरे, अध्यक्ष, महाराष्ट्र नर्सेस एवं स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन
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