
यवतमाल न्यूज
Yavatmal Labour Welfare Scheme: निर्वाचन आचार संहिता के दौरान ऐसी कोई भी योजना या कार्य नहीं किया जा सकता जिससे चुनावों पर प्रभाव पड़ने की संभावना हो। नगरपालिका चुनावों के चलते लागू हुई आचार संहिता का पहला झटका अब गरीब श्रमिकों को लगा है। जैसे ही आचार संहिता लागू हुई, प्रशासन ने श्रमिकों को बर्तन वितरण की प्रक्रिया तत्काल रोक दी।
जिले के 16 तहसीलों में से केवल दो केंद्रों पर किसी तरह वितरण चल रहा था, लेकिन अब वे भी बंद हो गए हैं, जिससे श्रमिक निराश हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने दो दिन पहले नगर परिषद चुनाव कार्यक्रम घोषित किया और उसके साथ ही आचार संहिता भी लागू हो गई। इसी कारण श्रम कार्यालय ने बर्तन वितरण रोक दिया। इससे जिन श्रमिकों को बर्तन की प्रतीक्षा थी, उन्हें अब आचार संहिता समाप्त होने तक इंतजार करना पड़ेगा।
लेकिन नगर परिषद के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव भी होने हैं, जिससे यह अवधि लंबी चलने की संभावना है। अब तक जिले में 2,87,417 श्रमिकों का श्रम विभाग में पंजीकरण हुआ है। इन श्रमिकों ने बर्तन प्राप्त करने के लिए आवेदन किए थे। मगर यवतमाल जिले के 16 तहसीलों में केवल पुसद और कलंब इन दो स्थानों पर ही वितरण केंद्र चालू थे।
बाकी 14 केंद्रों के लिए टेंडर प्रक्रिया अभी तक मंजूर नहीं हुई है। इसलिए अन्य तहसीलों के श्रमिकों को बर्तन पाने के लिए पुसद या कलंब जाकर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा था। भारी भीड़ के कारण कई लोगों को बर्तन भी नहीं मिल पाए। अब तक श्रम कार्यालय ने 1,07,043 श्रमिकों को बर्तन वितरित किए हैं, जबकि अन्य को अब भी इंतजार करना पड़ेगा।
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आचार संहिता के चलते उन्हें 3 दिसंबर तक प्रतीक्षा करनी होगी। साथ ही, नई पंजीकरण प्रक्रिया भी प्रभावित होगी। इस अवधि में जिन श्रमिकों की सदस्यता की अवधि समाप्त हो रही है, उन्हें नवीनीकरण का लाभ नहीं मिलेगा और उन्हें नया खाता खोलना पड़ सकता है।
पिछले साल विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान भी श्रमिकों को बर्तन वितरण और पंजीकरण प्रक्रिया से वंचित किया गया था। तब एडवोकेट विशाल ठाकरे ने भवन निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल में शिकायत की थी और श्रमिकों की क्रिया समिति ने मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय के आदेश के बाद ही यह प्रक्रिया फिर शुरू हुई थी। अब नगरपालिका चुनावों की आचार संहिता में फिर से वही स्थिति दोहराई गई है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या श्रमिक कल्याण मंडल एक साल में ही न्यायालय के आदेश को भूल गया?
निर्वाचन आचार संहिता लागू होने के कारण श्रमिकों को बर्तन वितरण की प्रक्रिया रोक दी गई है। इसे शुरू या बंद करने का निर्णय बोर्ड स्तर पर लिया जाता है। फिलहाल श्रमिकों का पंजीकरण और नवीनीकरण प्रक्रिया जारी है।
– राहुल काले, जिला श्रम अधिकारी, यवतमाल






