पांढरकवड़ा: 53वीं जिला विज्ञान प्रदर्शनी में ‘सोलर पावर टेंट’ को पहला स्थान
53rd Science Exhibition: पांढरकवड़ा में आयोजित 53वीं जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में बाबासाहेब देशमुख विद्यालय की छात्राओं ने “सोलर पावर टेंट” मॉडल से प्रथम स्थान हासिल किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
53rd Science Exhibition:पांढरकवड़ा में आयोजित 53वीं जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pandharkawada Science Fair: इरा इंग्लिश मीडियम स्कूल, पांढरकवड़ा में आयोजित 53वीं जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी 2025–26 में बाबासाहेब देशमुख विद्यालय, पहापल ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। प्रदर्शनी में माध्यमिक आदिवासी वर्ग से विद्यालय की छात्राओं ने प्रथम स्थान हासिल कर अपने विज्ञान मॉडल के राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन को सुनिश्चित किया। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब बाबासाहेब देशमुख विद्यालय का प्रयोग राज्य स्तर के लिए चुना गया है। इसके साथ ही विद्यालय माध्यमिक आदिवासी वर्ग में जिले का प्रतिनिधित्व करेगा।
कक्षा नौवीं की छात्रा अंबिका महादेव धुडे और स्वराली रितेश कडू ने “सोलर पावर टेंट” नामक एक अत्यंत नवोन्मेषी और समाजोपयोगी मॉडल प्रस्तुत किया। यह मॉडल लद्दाख जैसे अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों सहित विश्व के अन्य शीत प्रदेशों में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। जहाँ रात का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, वहाँ भी यह टेंट +10 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान बनाए रखने में सक्षम है।
सोलर पावर टेंट की विशेषता
इस सोलर पावर टेंट की विशेषता यह है कि इसमें दिन के समय संचित की गई ऊष्मा ऊर्जा का उपयोग रात में किया जाता है, जिसके लिए बिजली या बैटरी की आवश्यकता नहीं होती। तकनीकी मार्गदर्शक शिक्षक निलेश लिखार के मार्गदर्शन में छात्राओं ने जेल जैसी संरचना वाले एक विशेष ऊष्मा-संग्रहीत पदार्थ का विकास किया है। यह पदार्थ सूर्य ऊर्जा की सहायता से दिन में ऊष्मा संचित करता है और रात में उसी ऊष्मा का उपयोग कर टेंट को गर्म बनाए रखता है।
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छात्राओं और मार्गदर्शक शिक्षकों की सराहना
यह प्रणाली सीमा पर तैनात सैनिकों, ठंडे क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों, पर्यटकों, पर्वतारोहियों और शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध प्रवृत्ति विकसित करने में मार्गदर्शक शिक्षक निलेश लिखार की भूमिका उल्लेखनीय रही है। विज्ञान शिक्षिका शिवानी खडसे का भी छात्राओं को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
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संस्था के सचिव अण्णासाहेब देशमुख पारवेकर ने छात्राओं और मार्गदर्शक शिक्षकों की सराहना करते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएँ दीं। वहीं संस्था निरीक्षण समिति के अध्यक्ष अनिसखान मोरेश्वर सरोदे, सुनील ठाकरे, ज्योति अडपावार तथा हरिदास कापसे ने इस सफलता पर संतोष व्यक्त किया।
