कृत्रिम श्वास से बचाई जा सकती है जान, यवतमाल जिला अस्पताल में CPR के बारे में दी गई जानकारी

Yavatmal News: यवतमाल में सीपीआर जागरूकता सप्ताह मनाया गया। शिविरों में आम जनता को जीवन रक्षक हृदय-श्वसन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसमें सांस लेने संबंधी समस्याओं के बारे में भी बताया गया।
CPR information provided at Yavatmal District Hospital
सीपीआर जागरूकता शिविर में मौजूद पुलिस अधिकारी व लोग (फोटो नवभारत)
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CPR Awareness Camp In Yavatmal: राष्ट्रीय आपातकालीन जीवन रक्षक प्रणाली मिशन के अंतर्गत सीपीआर जागरूकता सप्ताह मनाया गया। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय आपातकालीन जीवन रक्षक प्रणाली प्रशिक्षण मिशन के अंतर्गत यवतमाल के श्री वसंतराव नाइक शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में जिले के विभिन्न स्थानों पर सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया।

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के डीन डॉ. अनिल बत्रा के मार्गदर्शन में विभिन्न स्थानों पर शिविरों का आयोजन किया गया। इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य आम लोगों में सीपीआर के बारे में जागरूकता पैदा करना था।

क्या है सीपीआर?

सीपीआर एक जीवन रक्षक आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया है जिसका उपयोग हृदय या श्वसन तंत्र के अचानक बंद हो जाने पर उसे पुनः चालू करने के लिए किया जाता है। जब किसी व्यक्ति की साँस रुक जाती है या हृदय धड़कना बंद हो जाता है, तो मस्तिष्क और अन्य अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में, छाती को दबाकर और कृत्रिम श्वसन (बचाव श्वास) देकर हृदय और फेफड़ों के माध्यम से रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखी जाती है, जिससे मृत्यु को रोका जा सकता है।

विविध विभागों पर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण प्रशिक्षण

इस सप्ताह के अंतर्गत, यवतमाल के वसंतराव नाइक शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अधिकारियों और नर्सों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों, जिला पुलिस मुख्यालय के कर्मचारियों, वन विभाग कार्यालय के कर्मचारियों, चिकित्सा अधिकारियों, जिला यवतमाल को प्रशिक्षण दिया गया।

श्री समर्थ गजानन महाराज संस्थान हॉल वरिष्ठ नागरिक संघ, जिला उप-अस्पताल के कर्मचारियों और दारव्हा में नगर परिषद स्कूल क्रमांक 2 के स्कूली छात्रों को सीपीआर प्रणाली पर प्रशिक्षित किया गया।

इस स्वास्थ्य शिविर में डॉ. सुरेंद्र भुयार, चिकित्सा अधीक्षक और एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. नितिन नंदनवनकर, डॉ. रोशन शेंडे, डॉ. सचिन पद्मावर, डॉ. अर्चना मेश्राम, डॉ. विनय धकाते, डॉ. भूषण अंबारे, डॉ. अश्विनी खंभोरकर, डॉ. प्रीति शर्मा, डॉ. सिद्धि राठौड़, डॉ. कोमल तापड़िया, डॉ. वैष्णवी भोजने, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमर सुरजुशे, डॉ. दुर्गेश देशमुख, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुलमेथे, हेड नर्स माया मोरे और इंडियन सोसाइटी ऑफ के सदस्य एनेस्थिसियोलॉजी शाखा यवतमाल में यह सप्ताह सुचारू रूप संपन्न किया।

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