

Rohit Pawar Statment: आंखों पर पट्टी बांधकर सत्ता के नशे में डूबी इस सरकार को जगाने की जरूरत है। भारी बारिश ने राज्य के किसानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है।
भले ही सरकार के मंत्रियों और विधायकों के घरों में दीपावली की रौनक हो, लेकिन किसान की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपने दरवाजे पर दोया भी जला सके, इसलिए उनका घर आज अंधेरे में है। यह बड़ा हमला विधायक रोहित पवार ने सरकार पर बोला है। इसी मुद्दे को लेकर आज 20 अक्टूबर को वह तीर्थ स्थल देहू में सांकेतिक अनशन करेंगे।
हाल के दिनों में महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इसलिए राज्य सरकार ने एक बड़ी घोषणा करते हुए अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए 31 हजार 628 करोड़ रुपये का पैकेज जारी किया है, लेकिन इसमें भी कर्ज माफी का निर्णय नहीं हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर अब शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) आक्रामक हो गई है। विधायक रोहित पवार ने कर्ज माफी के मुद्दे पर सरकार से सवाल किया है। इसके मद्देनजर शरद पवार की राष्ट्रवादी पार्टी की ओर से सोमवार यानी आज 20 अक्टूबर को तीर्थ स्थल देहू में जगदुरु संत तुकाराम महाराज के मुख्य - मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने सांकेतिक अनशन करेंगे, यह जानकारी विधायक रोहित पवार ने दी है।
रोहित ने कहा कि जगटूरु संत श्री तुकाराम महाराज ने अपने पिता के साहूकारी के रिकॉर्ड वाली बहियों को इंद्रायणी नदी में डुबोकर लोगों का कर्ज माफ कर दिया था। लौकिक अर्थ में तुकोबाराय को किसानों की पहली कर्ज माफी करने वाले के रूप में भी जाना जाता है। आम भारी बारिश ने राज्य के किसानों की पूरी तरह से तबाह कर दिया है।
भले ही सरकार के मंत्रियों और विधायकों के घरों में दीपावली की रौनक हो, लेकिन किसान की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपने दरवाजे पर दीया भी जला सके, इसलिए उनका घर आज अंधेरे में है। रोहित पवार ने कहा कि उसके घर का अंधेरा दूर करने और उसे जीने के लिए उम्मीद किरण दिखाने हेतु उसके गले से कर्ज का फंदा उतारना आज बेहद जरुरी है।
फिर भी, यह सरकार कर्ज माफी का फैसला नहीं ले रही है। रोहित पवार ने कहा कि आंखों पर पट्टी बांधकर सता के नशे में डूबी इस सरकार को जगाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार पार्टी की वारकरी आघाडी (वारकरी मोर्चा) की ओर से सोमवार 20 अक्टूबर को तीर्थ स्थल देहू में जगदुरु संत श्री तुकाराम महाराज के मुख्य मंदिर के प्रदेश द्वार के सामने सांकेतिक उपोषण किया जाएगा,