वाशिम नगर परिषद चुनावों में तीसरी ताकत बने निर्दलीय, बड़े दलों की मुश्किलें बढ़ीं, समीकरण बिगड़ने तय
Washim Election 2025: वाशिम जिले की नगर परिषद व नगर पंचायत चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या ने प्रमुख दलों की चुनौती बढ़ाई। निर्दलीय तीसरी शक्ति बनकर चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Washim Politics: वाशिम जिले की रिसोड, मंगरुलपीर,वाशिम और कारंजा नगर परिषदों के साथ मालेगांव नगर पंचायत चुनाव में इस बार निर्दलीय उम्मीदवारों की बड़ी संख्या ने प्रमुख दलों के उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी है। कुल 124 सदस्य पदों के लिए 634 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें निर्दलीयों की संख्या उल्लेखनीय है।
नगराध्यक्ष पद के लिए सभी प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के साथ निर्दलीय भी मुकाबले में हैं, वहीं सदस्य पदों पर भी निर्दलीयों ने अपनी दावेदारी पेश की है। इस चुनाव में महायुति के अंतर्गत भाजपा, शिंदे सेना और राकां अजीत पवार गुट के उम्मीदवार मैदान में हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस, उद्धव बालासाहब ठाकरे शिवसेना और राकां शरद पवार गुट के उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
समीकरण बदलने की संभावना
पारंपरिक मुकाबले के बीच इस बार तीसरी शक्ति के रूप में निर्दलीयों का बढ़ता अस्तित्व समीकरण बदलने की संभावना जता रहा है। कई स्थानों पर नगरसेवक पद के लिए पार्टी का टिकट न मिलने से नाराज पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय स्तर पर परिचित चेहरे निर्दलीय रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं।
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वार्डों में पहले से ही पहचान और जनसंपर्क रखने वाले ये उम्मीदवार मतदाताओं से अच्छा प्रतिसाद पा सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे प्रमुख दलों के अधिकृत उम्मीदवारों को न केवल विपक्षी दलों से बल्कि निर्दलीयों से भी कड़ी टक्कर मिल सकती है।
निर्दलीयों की संख्या बढ़ने के पीछे टिकट वितरण में असंतोष, स्थानीय नेतृत्व पर नाराजगी, पार्टी के भीतर गुटबाजी और कुछ स्थानों पर अपनी ताकत आजमाने की इच्छा को कारण बताया जा रहा है। अब इन निर्दलीयों द्वारा मतों के विभाजन से चुनावी समीकरण उलझने की संभावना है और परिणामों में कई चौंकाने वाले नतीजे सामने आ सकते हैं।
निर्णायक भूमिका निभा सकते
जिन प्रभागों में प्रमुख दलों के बीच कांटे की टक्कर है, वहाँ निर्दलीयों की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है। आघाड़ी, महायुति और अन्य दलों के गणित में निर्दलीय उम्मीदवार तीसरे खिलाड़ी के रूप में उतरकर अंतिम परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
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वाशिम नगर परिषद में 32 सदस्य पदों के लिए 256 उम्मीदवार, कारंजा नगर परिषद में 31 पदों के लिए 127 उम्मीदवार, रिसोड नगर परिषद में 23 पदों के लिए 97 उम्मीदवार, मंगरुलपीर नगर परिषद में 21 पदों के लिए 86 उम्मीदवार और मालेगांव नगर पंचायत में 17 पदों के लिए 68 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
चुनावी माहौल अभी फीका
हालांकि चुनाव प्रचार शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक शहर में अपेक्षित चुनावी माहौल नहीं बन पाया है। 26 नवंबर को चुनावी प्रतीक वितरण के बाद प्रचार में तेजी आने की संभावना है। दिन-ब-दिन प्रचार की पद्धति भी बदल रही है। अब प्रचार मुख्यतः सोशल मीडिया पर केंद्रित हो गया है, जिससे उम्मीदवारों की प्रत्यक्ष मुलाकातें, कोने की बैठकें और सभाएँ जैसी पारंपरिक प्रचार प्रक्रियाएँ कम होती जा रही हैं।
