राज्य के वाशिम में अब से जिला परिषद स्कूलों में ही संचालित होंगी आंगनवाड़ी केन्द्र, खाली कक्षाओं का होगा उपयोग
Washim News: NEP 2020 के तहत बिना भवन वाली 76 आंगनवाड़ियां जिला परिषद स्कूलों की खाली कक्षाओं में शिफ्ट होंगी। इससे सरकारी संसाधनों का सही उपयोग होगा और 65 हजार बच्चों को स्कूली माहौल मिलेगा।
आंगनवाड़ी केन्द्र (सोर्सः AI)
Anganwadi Centres In Zila Parishad Schools: National Education Policy 2020 के तहत पूर्व प्राथमिक शिक्षा और स्कूली शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत जिला परिषद स्कूलों में उपलब्ध अतिरिक्त और खाली कक्षाओं का उपयोग आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए किया जाएगा।
जिले में भी इस निर्णय को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जिन स्थानों पर आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए अलग भवन उपलब्ध नहीं है और जिला परिषद स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं मौजूद हैं, वहां आंगनवाड़ी कक्षाएं स्कूल परिसर में ही संचालित की जाएंगी। इससे छोटे बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही विद्यालयीन वातावरण का परिचय मिलेगा और उनमें शिक्षा के प्रति रुचि विकसित होगी।
आंगनवाड़ी केंद्रों को स्थानांतरित करने से बचेंगे किराये
वर्तमान में जिले की कई आंगनवाड़ियां किराए के भवनों अथवा वैकल्पिक स्थानों पर संचालित हो रही हैं। ऐसे केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर जिला परिषद के स्कूलों में उपलब्ध कक्षाओं में स्थानांतरित किया जाएगा। प्राथमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिला परिषदों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण कई स्कूलों में कक्षाएं खाली पड़ी हैं।
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इन कक्षाओं का उपयोग आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए किए जाने से सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा। जिले में कुल 1,074 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें 65 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और पूर्व प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है।
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76 आंगनवाड़ियों के पास नहीं है स्वयं का भवन
जिले में वाशिम तहसील में 175, रिसोड़ में 189, मालेगांव में 172, मंगरूलपीर में 190, कारंजा में 158 तथा मानोरा में 190 आंगनवाड़ी केंद्र कार्यरत हैं। इनमें से 76 आंगनवाड़ियों के पास स्वयं का भवन नहीं है। वर्तमान में 33 केंद्र जिला परिषद स्कूलों में, 3 ग्राम पंचायत भवनों में, 8 समाज मंदिरों में, 20 संयुक्त केंद्रों में तथा शेष अन्य वैकल्पिक स्थानों पर संचालित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जहां अतिरिक्त कक्षाएं उपलब्ध हों, वहां आंगनवाड़ी बच्चों की व्यवस्था स्कूल परिसर में की जाए।
