वर्धा: चलती ट्रेन में अकेला मिला ढाई साल का मासूम, यात्रियों की सतर्कता और आरपीएफ की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू
Wardha Railway News: जबलपुर-अमरावती पैसेंजर में अकेले मिले ढाई वर्षीय बालक को यात्रियों की सजगता से वर्धा स्टेशन पर सुरक्षित उतारा गया। बच्चे को चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया है।
- Written By: रूपम सिंह
वर्धा ट्रेन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Wardha RPF Child Helpline Jabalpur-Amravati Passenger: वर्धा में चलती ट्रेन में बिना अभिभावक के यात्रा कर रहे लगभग ढाई वर्षीय बालक मिलने से हड़कंप मच गया। यात्रियों की सतर्कता के चलते बालक को सुरक्षित रूप से वर्धा रेलवे स्टेशन पर उतारकर चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द किया गया। यह घटना बुधवार, 29 तारीख को हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जबलपुर-अमरावती पैसेंजर ट्रेन में इटारसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के बाद कुछ यात्रियों की नजर एक छोटे बच्चे पर पड़ी, जो अकेला यात्रा कर रहा था।
संदेह होने पर यात्रियों ने तुरंत इसकी सूचना ट्रेन में मौजूद टीसी को दी। टीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सूचित किया। इसके बाद चलती ट्रेन में ही बच्चे के परिजनों की तलाश की गई, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद कोई भी अभिभावक सामने नहीं आया। स्थिति को देखते हुए
आरपीएफ के अधिकारियों ने बच्चे को सुरक्षित रूप से वर्धा रेलवे स्टेशन पर उतार लिया और आगे की कार्रवाई के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन को जानकारी दी। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद बच्चे को प्राथमिक जांच के लिए जिला सामान्य अस्पताल ले जाया गया।
सम्बंधित ख़बरें
मेहनत का पैसा लौटाओ, दोषियों को जेल भेजो… संभाजीनगर में 202 करोड़ के घोटाला पीड़ितों का आमरण अनशन शुरू
संभाजीनगर मनपा में विभागों का मेगा फेरबदल, अधिकारियों पर बढ़ा अतिरिक्त बोझ, चेक पर दस्तखत के अधिकार भी बदले
ठाणे इंटरनल मेट्रो से आसान होगा सफर, मेट्रो 4, 5 और रेलवे स्टेशनों से जुड़ेगा रूट; DCM शिंदे ने दिए निर्देश
बाबा राम रहीम की तरह मोबाइल स्क्रॉल कर रहे थे पटोले… पैर धुलवाने के वीडियो पर संजय निरुपम का करारा हमला
यह भी पढ़ें:- वर्धा में गर्मी का 30 साल का रिकॉर्ड टूटा, तापमान 46.6 डिग्री के पार; धाम प्रकल्प में जलस्तर गिरने से संकट
यात्री व रेलवे प्रशासन की तत्परता सराहनीय
अधिकारियों के अनुसार, बच्चे को आगे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके निर्देशानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, यात्रियों की सजगता और रेलवे प्रशासन की तत्परता से एक मासूम की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
