वर्धा में गर्मी का 30 साल का रिकॉर्ड टूटा, तापमान 46.6 डिग्री के पार; धाम प्रकल्प में जलस्तर गिरने से संकट
Wardha Dham Water Crisis: वर्धा में तापमान ने 46.6°C के साथ 30 साल का रिकॉर्ड तोड़ा। धाम प्रकल्प का जलस्तर 46.73% तक गिरने से 2019 जैसे भीषण जलसंकट की आहट है, जिससे 14 गांव और शहर प्रभावित होंगे।
- Written By: रूपम सिंह
जलस्तर गिरने से संकट प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Wardha Dam Storage Level News: वर्धा में अप्रैल माह में ही जिले की तपन ने 30 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। अब तक का सर्वाधिक तापमान 46.6 डिग्री दर्ज किया गया है। बढ़ती तपन के चलते जलाशयों के जलस्तर में कमी आयी है। इसमें वर्धा शहर व आसपास के 14 गांवों के लिए जीवनदायी कहे जाने वाले धाम प्रकल्प के जलस्तर भी तेजी से घट रहा है। 29 अप्रैल को धाम प्रकल्प में 46।73 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने मई माह में जिले के तापमान में अधिक वृध्दि होने के संकेत दिये हैं।
अगर यही स्थिति बनी रही तो धाम प्रकल्प के जलस्तर में मई के अंतिम दिनों में भारी कमी आकर वर्धा सहित आसपास के गांवों में जलसंकट पैदा होने के आसार है। अगर ऐसा हुआ तो फिर एक बार नागरिकों को सन 2019 में पैदा हुई भीषण जलसंकट स्थिति जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
उस समय धाम के डेथ वॉटर से भी पानी का दोहन हुआ था। जानकारों के अनुसार उस समय 25 वर्ष बाद पहली बार धाम पूर्णतः सूख गया था। इस संकट को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका व मजीप्रा प्रशासन ने समय रहते उचित नियोजन करना जरूरी है।
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तापमान में वृद्धि
- 2019 में पैदा हुई भीषण जलसंकट की स्थिति
- 14 गांवों के लगभग 20 हजार नल ग्राहक
- धाम प्रकल्प से होती है जलापूर्ति
- गांवों में दो दिन बाद हो रही जलापूर्ति
- अब तक का सर्वाधिक तापमान 46.6 सेल्सी।
वर्धा शहर में 14,681 नल ग्राहकों का समावेश
वर्धा नगर पालिका के जलापूर्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शहर में कुल 14 हजार 681 नल ग्राहक है, प्रति दिन प्रति व्यक्ति 135 लीटर जल की आवश्यकता होती है। सालभर में शहरवासियों को 60 दशलक्ष घन मीटर पानी की आवश्यकता बताई गई वहीं महाराष्ट्र जीवन प्राधिकर की देखरेख में चल रही प्रादेशिक जलापूर्ति योजना में 14 गांवों के लगभग 20 हजार नल ग्राहकों का समावेश है।
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धाम में 46.73% जलभंडार
वर्धा शहर व आसपास के 14 गांवों को महाकाली स्थित धाम प्रकल्प से वर्धा शहर में जलापूर्ति होती है। धाम के जलस्तर में तेजि से कमी देखने मिल रही है। ऐसा ही चलता रहा तो, मई के अंतिम दिनों में अथवा जून माह में शहर के अनेक क्षेत्रों में भारी जलसंकट स्थिति पैदा हो सकती है। वर्तमान में वर्धा व संबंधित गांवों में दो दिन आड़ पेयजल की आपूर्ति हो रही है। जिसके कारण नागरिकों का परेशानी झेलनी पड़ है। भविष्य के संकट को ध्यान में रखते हुए मई माह में इसमें कटौती की आशंका है।
