प्रचार का एक दिन बढ़ा, अब प्रचार के लिए बचे 3 दिन, 6 नगर परिषदों में होंगे चुनाव
Election Campaign Extension : वर्धा जिले की 6 नगर परिषदों में 2 दिसंबर को चुनाव, प्रचार समय में बदलाव हुआ है। अब 1 दिसंबर रात 10 बजे तक प्रचार होगा। पुलगांव आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है।
- Written By: आंचल लोखंडे
प्रचार का एक दिन बढ़ा, अब प्रचार के लिए बचे 3 दिन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Wardha Municipal Council Election: वर्धा जिले की 6 नगर परिषदों के लिए 2 दिसंबर को होने वाले चुनाव के प्रचार के लिए अब 3 दिन शेष हैं। चुनाव आयोग के नए निर्देशों के अनुसार सोमवार, 1 दिसंबर को रात 10 बजे तक प्रचार किया जा सकेगा। इससे मतदाताओं को प्रचार समाप्त होने के अगले ही दिन सुबह मतदान करना होगा। प्रचार अवधि से संबंधित इस नए नियम में बदलाव किया गया है, हालांकि इस बारे में स्पष्ट स्पष्टीकरण अब तक प्राप्त नहीं हुआ है।
नगराध्यक्ष और नगरसेवक पद के उम्मीदवार तथा उनके समर्थक घर-घर जाकर तेजी से प्रचार कर रहे हैं। शहर और प्रभाग के प्रत्येक मतदाता तक पहुँचने के लिए उम्मीदवार पूरी ताकत झोंक रहे हैं। कई मतदाता कामकाज के कारण शहर छोड़कर बाहर गए हुए हैं। उनसे भी संपर्क कर उन्हें अपनी ओर करने का प्रयास जारी है। व्यक्तिगत भेंट और संवाद पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
घर-घर संपर्क और बैठकों का दौर शुरू
राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के लिए यह चुनाव निर्दलीय उम्मीदवारों की तुलना में अपेक्षाकृत सरल रहा। दलों ने अपने अधिकृत (एबी फॉर्म) उम्मीदवारों की जांच के बाद तुरंत प्रचार शुरू कर दिया। अधिकांश संभावित उम्मीदवार पहले से ही घर-घर संपर्क और बैठकों का दौर शुरू कर चुके थे।
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निर्दलीय उम्मीदवारों को करना पड़ रहा अधिक संघर्ष
टिकट नहीं मिलने पर कुछ संभावित उम्मीदवारों ने अंतिम समय में दूसरी पार्टी से उम्मीदवारी लेने की कोशिश की। कई लोगों ने अलग-अलग दलों से संपर्क कर टिकट प्राप्त करने की कवायद की, लेकिन इच्छित पार्टी से टिकट न मिलने पर उन्हें दूसरे दल का झंडा हाथ में लेना पड़ा। वहीं कुछ ने निर्दलीय के रूप में नामांकन किया है। इन उम्मीदवारों को प्रचार के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी वे पूरा जोर लगाकर मैदान में डटे हुए हैं।
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पुलगांव नगर परिषद के उम्मीदवारों को राहत
जिले की 6 नगर परिषदों में से केवल पुलगांव नगर परिषद में जातीय आरक्षण 54% है, जो राज्य द्वारा निर्धारित 50% की सीमा से अधिक है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिससे पुलगांव के उम्मीदवारों व नेताओं में चिंता बढ़ गई थी। किंतु शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण प्रतिशत अधिक होने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। इससे सभी लोगों ने राहत की सांस ली है।
