सिंहस्थ कुंभ 2027 की तैयारी तेज, नाशिक में विद्युत सुशोभीकरण पर अहम बैठक
Nashik-Trimbakeshwar Simhastha Kumbh Mela 2027 की तैयारियों के तहत विद्युत सुशोभीकरण और प्रकाश व्यवस्था पर अहम बैठक हुई। प्रमुख घाटों और सड़कों पर आकर्षक LED लाइटिंग के लिए मानक तय किए जाएंगे।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Nashik Simhastha Kumbh 2027: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभमेला 2027 के मद्देनजर विद्युत सुशोभीकरण और प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) के कार्यों को लेकर नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभमेला प्राधिकरण द्वारा शुक्रवार को पंचवटी स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक की अध्यक्षता कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह नै की। बैठक में कुंभमेला प्राधिकरण के अतिरिक्त आयुक्त सौरिश सहाय सहित सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, नासिक मनपा और त्र्यंबक नगर परिषद के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
साथ ही, अनुभवी प्रकाश व्यवस्था सलाहकार और कार्यान्वयन करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी तकनीकी राय साझा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान प्रमुख घाटों, सड़कों, पुलों और सार्वजनिक स्थानों पर स्ट्रीट लाइट व एलईडी स्थापना के लिए एक समन्वित और प्रमाणित पद्धति विकसित करना था।
सम्बंधित ख़बरें
173 साल की हुई भारतीय रेल, रेलमंत्री ने शेयर की पहले रेल ब्रिज की तस्वीर, ठाणे में मना जश्न
ठाणे में CREDAI-MCHI की प्रॉपर्टी एग्ज़िबिशन का आगाज़, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे करेंगे उद्घाटन
राज्य सरकार का बड़ा फैसला: संभाजीनगर के नए विभागीय आयुक्त बने जी. श्रीकांत
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने पकड़े 250 तेंदुए ! राज्य में टाइगर सफारी का प्लान, वन मंत्री गणेश नाईक ने दी जानकारी
चर्चा के दौरान प्रकाश व्यवस्था में सौंदर्य संबंधी एकरूपता के साथ-साथ वास्तुशिल्प और कार्यात्मक प्रकाश व्यवस्था के वर्गीकरण पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा, सुरक्षा मानकों के तहत आईपी रेटिंग, सर्ज प्रोटेक्शन, ढांचागत स्थिरता पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया।
ये भी पढ़ें :- कस्पटे मिसिंग लिंक सड़क को हाईकोर्ट की हरी झंडी, एक साल में काम पूरा करने का आदेश
सभी विभागों के बीच समन्वय जरूरी, मानकों का होगा निर्धारण
आयुक्त शेखर सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सिंहस्थ 2027 के लिए सुरक्षित, टिकाऊ और दृश्य रूप से आकर्षक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसके लिए प्रारंभिक चरण में ही सभी विभागों के बीच समन्वय और एक समान तकनीकी मानकों का निर्धारण करना अनिवार्य है।
